मार्च 2026 में आयोजित पोस्टल बैलेट में 23,28,438 शेयरों पर वोटिंग हुई, जिसमें 42 सदस्यों ने भाग लिया। सभी प्रस्तावों को जबरदस्त समर्थन मिला और 99.99% वोटों के साथ इन्हें पारित किया गया। यह मजबूत जनादेश कंपनी के बोर्ड की निगरानी को सशक्त बनाता है और परिचालन में अधिक लचीलापन (operational flexibility) प्रदान करता है।
Richfield Financial Services Limited ने अपने पोस्टल बैलेट के नतीजों की घोषणा की, जिससे गवर्नेंस और परिचालन से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट्स पर शेयरधारकों का मजबूत समर्थन स्पष्ट हुआ। तीन मुख्य प्रस्तावों पर वोटिंग हुई: मिस्टर पियूष ए. कोट्टम की नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) मिस्टर वडासेरिल चाको जॉर्जकुट्टी के लिए रेमुनरेशन पैकेज (remuneration package) और कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन। इनमें से हर प्रस्ताव को लगभग एकमत से मंजूरी मिली।
ये मंजूरियां Richfield Financial Services के लिए काफी अहम हैं। ये कंपनी के नेतृत्व ढांचे को मजबूत करती हैं और बदलते कारोबारी जरूरतों के अनुरूप इसके बुनियादी नियमों को अपडेट करती हैं। एक स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) को बढ़ाती है, जबकि आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव परिचालन में अधिक चुस्ती (operational agility) ला सकते हैं।
Richfield Financial Services, जिसकी स्थापना 1992 में हुई थी, भारत में एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में कार्य करती है और वित्तीय उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है। कंपनी के बोर्ड ने अगस्त 2024 में अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (Memorandum of Association) में बदलावों को पहले ही मंजूरी दे दी थी। मिस्टर पियूष ए. कोट्टम की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति, जिसे अब शेयरधारकों ने अपनी मंजूरी दी है, बोर्ड द्वारा फरवरी 2026 में ही अनुमोदित की गई थी और यह 9 फरवरी, 2026 से प्रभावी थी। यह कदम कंपनी के नियंत्रण में जून 2021 में हुए एक बड़े बदलाव के बाद आया, जब वर्तमान मैनेजिंग डायरेक्टर सहित प्रमुख प्रबंधन हस्तियों ने इसके 26% से अधिक शेयरों के लिए एक ओपन ऑफर (open offer) पेश किया था।
अब मिस्टर पियूष ए. कोट्टम आधिकारिक तौर पर नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हो गए हैं, जिससे बोर्ड की निगरानी क्षमताएं मजबूत हुई हैं। शेयरधारकों ने मैनेजिंग डायरेक्टर मिस्टर वडासेरिल चाको जॉर्जकुट्टी की रेमुनरेशन संरचना को भी औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में किए गए संशोधन अब कानूनी रूप से लागू हो गए हैं, जो भविष्य में परिचालन में अधिक चुस्ती लाने की क्षमता रखते हैं।
Richfield Financial Services भारत के विविध वित्तीय सेवा क्षेत्र में सक्रिय है। इसके प्रतिस्पर्धियों में IIFL Finance Ltd., Angel One Ltd., JM Financial Ltd., और 360 One Wam Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो NBFC, ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाएं भी प्रदान करती हैं।
निवेशक और हितधारक कंपनी की रणनीतिक पहलों और मजबूत बोर्ड ढांचे के तहत इसके प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे। आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में मंजूर किए गए संशोधनों को कैसे लागू किया जाता है और इनका व्यावसायिक परिचालनों पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर आगे ध्यान दिया जाएगा। कंपनी के वित्तीय नतीजों और प्रबंधन की टिप्पणियों पर नजर रखने से भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स और संभावित चुनौतियों की जानकारी मिलेगी।
