शेयरधारकों ने किन फैसलों पर लगाई मुहर?
Religare Enterprises Ltd के शेयरधारकों ने 5 मई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में कंपनी से जुड़े दो बड़े कॉर्पोरेट बदलावों को अपनी मंजूरी दे दी है। इन फैसलों में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस को दिल्ली से हरियाणा शिफ्ट करना और अर्जुन लांबा (Arjun Lamba) को कंपनी का नया डायरेक्टर (Whole Time Director) बनाना शामिल है।
बदलावों का रणनीतिक महत्व
कंपनी के मुताबिक, ये फैसले Religare के स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन (Strategic Transformation) और गवर्नेंस (Governance) को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हैं। रजिस्टर्ड ऑफिस को हरियाणा में शिफ्ट करने से ऑपरेशंस (Operations) को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी, वहीं अर्जुन लांबा जैसे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director) की नियुक्ति से मैनेजमेंट (Management) और एग्जीक्यूशन (Execution) को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बैकग्राउंड और अर्जुन लांबा की भूमिका
यह भी बता दें कि Religare Enterprises हाल के दिनों में बड़े पुनर्गठन (Restructuring) और मैनेजमेंट (Management) में बदलावों से गुजरी है। 2025 की शुरुआत में बर्मन परिवार (Burman family) ने कंपनी में कंट्रोलिंग स्टेक (Controlling Stake) हासिल किया था, जिसके बाद बोर्ड में फेरबदल हुआ था। बोर्ड ने पहले ही फरवरी 2026 में गुरुग्राम, हरियाणा में ऑफिस शिफ्ट करने और मार्च 2026 में लांबा की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी थी, जो अब शेयरधारकों की मंजूरी से पक्की हो गई है। अर्जुन लांबा के पास कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets) में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने बर्मन परिवार के लिए कई अहम एक्विजिशन (Acquisitions) में योगदान दिया है।
पुराने विवाद और रेगुलेटरी चुनौतियाँ
हालांकि, Religare Enterprises का इतिहास रेगुलेटरी स्क्रूटनी (Regulatory Scrutiny) से जुड़ा रहा है। पहले SEBI ने फंड डायवर्जन (Fund Diversion) के मामलों में कई एंटिटीज (Entities) पर जुर्माना लगाया था, जो Religare Finvest के अरबों रुपये के फंड के दुरुपयोग से जुड़े थे। पूर्व CEO कवि अरोड़ा (Kavi Arora) पर भी सिक्योरिटीज मार्केट से दो साल का बैन लगा था। Religare Finvest एसेट क्वालिटी (Asset Quality) की चिंताओं के चलते RBI के करेक्टिव एक्शन प्लान (CAP) के तहत भी काम कर रही थी, लेकिन जुलाई 2025 में इस पर लगी पाबंदियां हटा दी गईं।
कंपनी का बिज़नेस और कॉम्पिटिशन
Religare कई प्रतिस्पर्धी बाजारों में काम करती है। इसकी सब्सिडियरी Care Health Insurance एक तेजी से बढ़ता हुआ हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर है, जिसने फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹9,200 करोड़ से अधिक का ग्रॉस रिटन प्रीमियम (Gross Written Premium) दर्ज किया, जो हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट का लगभग 4.7% है। रिटेल ब्रोकिंग (Retail Broking) में Religare Broking के 1.2 मिलियन से ज्यादा ग्राहक हैं, लेकिन इसे Zerodha और Groww जैसे डिस्काउंट ब्रोकर्स (Discount Brokers) से कड़ी टक्कर मिलती है। SME लेंडिंग (SME Lending) में यह Bajaj Finance और Poonawalla Fincorp जैसी कंपनियों से मुकाबला करती है।
निवेशकों की नजरें
अब निवेशकों की नजरें EGM के वोटिंग नतीजों और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के ऑफिशियल ऐलान पर टिकी हैं। ऑफिस शिफ्टिंग और डायरेक्टर नियुक्ति के लिए रेगुलेटरी अनुपालन (Regulatory Compliance) की पुष्टि भी अहम होगी। साथ ही, ऑफिस शिफ्ट के प्रैक्टिकल इंप्लीमेंटेशन (Practical Implementation) और अर्जुन लांबा के एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट (Executive Management) में योगदान पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
