क्रेडिटर मीटिंग में क्या हुआ?
Reliance Home Finance Ltd (RHFL) की कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत 8वीं क्रेडिटर मीटिंग (CoC) 3 अप्रैल, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपन्न हुई। इस बैठक से संबंधित जानकारी Resolution Professional द्वारा 6 अप्रैल, 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों में दर्ज की गई। यह दिखाता है कि कंपनी सितंबर 2025 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद से इंसॉल्वेंसी की प्रक्रिया में है।
इंसॉल्वेंसी की वजह और पिछला रिकॉर्ड
RHFL, जो कभी अनिल अंबानी ग्रुप (ADAG) का हिस्सा थी, सितंबर 2025 में इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में चली गई। इसकी मुख्य वजह Invent Assets Securitisation & Reconstruction Pvt Ltd को ₹7.80 करोड़ के कर्ज का भुगतान न कर पाना था। कंपनी पहले भी वित्तीय संकट और लिक्विडिटी की समस्याओं से जूझ चुकी है।
इतना ही नहीं, SEBI ने फंड डायवर्जन की एक स्कीम का खुलासा किया था, जिसके बाद अनिल अंबानी पर ₹25 करोड़ का जुर्माना लगाया गया और उन्हें व 24 अन्य लोगों को सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया गया। RHFL पर भी ₹6 लाख का जुर्माना लगा था। हाल ही में, मार्च 2026 में, डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) ने कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में ₹581.65 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी। इसके अलावा, ऑडिटर PricewaterhouseCoopers (PwC) ने 2019 में ही कंसर्न के चलते कंपनी का ऑडिट वापस ले लिया था।
आगे क्या होगा?
CoC की मीटिंग्स इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में अहम होती हैं, जहां क्रेडिटर्स कंपनी की वित्तीय स्थिति का रिव्यू करते हैं और संभावित समाधान योजनाओं पर फैसले लेते हैं। RHFL के लिए यह प्रक्रिया अभी जारी है और शेयरधारकों, कर्मचारियों व क्रेडिटर्स के लिए अंतिम समाधान अभी तय नहीं है। CoC से किसी समाधान योजना (resolution plan) को मंजूरी मिल सकती है या कंपनी को लिक्विडेशन (liquidation) की ओर बढ़ना पड़ सकता है।