बोर्ड ने ₹500 करोड़ NCD प्लान और डायरेक्टर बदलावों को दी हरी झंडी
Regency Fincorp के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 25 मार्च, 2026 को हुई बैठक में एक महत्वपूर्ण फंड जुटाने की पहल को मंजूरी दी गई। कंपनी प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए ₹500.00 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करेगी। बोर्ड ने नेतृत्व में बदलावों की पुष्टि करते हुए श्री संजय मित्तल को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट) नियुक्त किया है और इसी पद से सुश्री सलोनी श्रीवास्तव के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
ग्रोथ के लिए फंड जुटाना, डिबेंचर होल्डर्स पर गवर्नेंस पर फोकस
आने वाली ₹500 करोड़ की NCD इश्यू योजना का मुख्य उद्देश्य Regency Fincorp के लेंडिंग ऑपरेशंस, विस्तार और बैलेंस शीट मैनेजमेंट के लिए पूंजी को बढ़ाना है। आगामी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) के लिए एक प्रमुख प्रस्ताव कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA) में संशोधन करना है। यह संशोधन कुछ डिफॉल्ट परिस्थितियों में डिबेंचर ट्रस्टी को बोर्ड में एक नॉमिनी डायरेक्टर नियुक्त करने का अधिकार देगा, जो बॉन्डहोल्डर्स के लिए बढ़ी हुई सुरक्षा और बेहतर गवर्नेंस का संकेत देता है।
फंड जुटाने का इतिहास और हालिया बोर्ड बदलाव
Regency Fincorp, जो 1993 में स्थापित एक नॉन-डिपॉजिट टेकिंग एनबीएफसी (NBFC) है, के पास ग्रोथ के लिए फंड जुटाने का एक ट्रैक रिकॉर्ड है। 2026 की शुरुआत में, कंपनी ने 23 मार्च, 2026 को LC Capital India Private Limited को ₹25 करोड़ के NCD इश्यू को मंजूरी दी थी। पिछले प्लान में बड़े NCD इश्यू भी शामिल थे, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹5 बिलियन (₹500 करोड़) तक जुटाने का इरादा था। कंपनी हालिया बोर्ड परिवर्तनों से भी गुज़री है, जिसमें फरवरी 2026 में डायरेक्टर सुनील जिंदल का मीटिंग्स मिस करने के कारण डिसक्वालिफाई होना शामिल है।
शेयरधारक वोटिंग और गवर्नेंस की शर्तें
शेयरधारकों के लिए, इन डेवलपमेंट का मतलब है कि मैनेजमेंट संभावित बिज़नेस ग्रोथ के लिए सक्रिय रूप से फंड सुरक्षित कर रहा है। एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर श्री मित्तल की नियुक्ति से नए दृष्टिकोण आने की उम्मीद है। शेयरधारक EGM में NCD इश्यू और AoA संशोधन दोनों पर वोट करेंगे। डिफॉल्ट की स्थिति में डिबेंचर ट्रस्टी के नॉमिनी डायरेक्टर से संबंधित प्रस्तावित बदलाव, डेट ऑब्लिगेशन्स से जुड़े कड़े नियमन और गवर्नेंस की ओर एक कदम दर्शाता है।
प्रमुख जोखिम: शेयरधारक मंजूरी और डेट होल्डर प्रोटेक्शन
₹500 करोड़ के NCD इश्यू की सफलता EGM में शेयरधारक की मंजूरी पर निर्भर करती है। प्रस्तावित AoA संशोधन, जो डिफॉल्ट की स्थिति में इंटरेस्ट पेमेंट, सिक्योरिटी क्रिएशन या रिडेम्पशन में डिबेंचर ट्रस्टी को नॉमिनी डायरेक्टर नियुक्त करने की अनुमति देता है, एक गवर्नेंस ओवरसाइट मैकेनिज्म प्रस्तुत करता है। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि Regency Fincorp द्वारा हालिया NCD इश्यू में लगभग 14% के कूपन रेट थे, जो बड़े NBFCs की तुलना में पूंजी की लागत संभावित रूप से अधिक होने का संकेत देते हैं।
अन्य NBFCs के मुकाबले Regency की तुलना
PNB Housing Finance और LIC Housing Finance जैसी प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) नियमित रूप से फंड के लिए NCDs का उपयोग करती हैं। PNB Housing Finance ने ₹5,000 करोड़ के NCD इश्यू की योजना बनाई है, जबकि LIC Housing Finance भी डेट मार्केट का लाभ उठाती है, आमतौर पर लंबी अवधि के लिए 7-8% के करीब कूपन रेट के साथ।
फंडरेज़ और गवर्नेंस वोट के लिए महत्वपूर्ण तारीखें
25 मार्च, 2026 को Regency Fincorp बोर्ड मीटिंग ने ₹500.00 करोड़ तक के NCD इश्यू को मंजूरी दी थी। इस इश्यू और AoA संशोधन के लिए सदस्य की मंजूरी सुरक्षित करने हेतु 22 अप्रैल, 2026 को एक EGM निर्धारित है।
Regency Fincorp निवेशकों के लिए अगले कदम
निवेशकों को NCD इश्यू और AoA संशोधन की मंजूरी के लिए 22 अप्रैल, 2026 को होने वाली EGM के नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए। ₹500 करोड़ के NCDs के नियमों, कूपन रेट और निवेशक आवंटन का विवरण महत्वपूर्ण होगा। इस पूंजी द्वारा फंड किए गए भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर या बिज़नेस विस्तार की योजनाओं पर नज़र रखना, साथ ही किसी भी अतिरिक्त बोर्ड संरचना या गवर्नेंस अपडेट पर भी नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।