फंड जुटाने की बड़ी योजना और बोर्ड में फेरबदल
Regency Fincorp की मार्च 2026 में हुई बोर्ड मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। कंपनी का बोर्ड ₹500 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी कर बाजार से पैसा जुटाने की योजना पर सहमत हुआ है। हालांकि, इस योजना को अंतिम मंजूरी शेयरधारकों से मिलने वाली वोटिंग के बाद ही मिलेगी, जिसके लिए 22 अप्रैल, 2026 को एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई गई है।
संजय मित्तल की हुई एंट्री, एक का हुआ विदाई
इस मीटिंग में कंपनी ने श्री संजय मित्तल को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के पद पर नियुक्त किया है। वहीं, मिस सलोनी श्रीवास्तव (Ms. Saloni Shrivastav) ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है।
डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए नए नियम
बोर्ड ने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में कुछ बदलावों को भी मंजूरी दी है। ये बदलाव डिबेंचर ट्रस्टियों द्वारा डिफॉल्ट (default) की स्थिति में नॉमिनी डायरेक्टर्स की नियुक्ति से संबंधित हैं, जो लेंडर्स (lenders) के हितों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम है।
कंपनी की वित्तीय रणनीति और पृष्ठभूमि
यह ₹500 करोड़ का NCD इश्यू Regency Fincorp की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और अपने लेंडिंग ऑपरेशन्स (lending operations) व बिज़नेस एक्सपेंशन (business expansion) को गति देने की रणनीति का हिस्सा है। यह कंपनी माइक्रो-क्रेडिट (micro-credit) और एमएसएमई (MSME) लोन में माहिर एनबीएफसी (NBFC) है। इससे पहले भी कंपनी ने ₹75 करोड़ और ₹200 करोड़ के NCD जारी किए थे। कंपनी ने वारंट कन्वर्जन (warrant conversions) के जरिए अपना पूंजी आधार भी मजबूत किया है।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों को 22 अप्रैल, 2026 को होने वाली EGM में NCD इश्यू पर वोट करना होगा। इसके अलावा, आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलावों को भी मंजूरी देनी होगी। श्री संजय मित्तल का बोर्ड में शामिल होना कंपनी के गवर्नेंस (governance) को मजबूत कर सकता है, लेकिन पिछले कुछ समय में बोर्ड सदस्यों के इस्तीफे और अयोग्यता को देखते हुए, कंपनी को बोर्ड की स्थिरता बनाए रखने पर भी ध्यान देना होगा। पहले के 25 करोड़ के NCD इश्यू में 14% का कूपन रेट (coupon rate) बताता है कि कंपनी की उधारी की लागत थोड़ी अधिक है, जो भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर असर डाल सकती है।
किन बातों पर रहेगी नजर?
- 22 अप्रैल, 2026 को EGM में शेयरधारकों का फैसला।
- ₹500 करोड़ के NCD इश्यू की विस्तृत शर्तें (ब्याज दर, अवधि, आदि)।
- आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में हुए बदलावों का क्रियान्वयन।
- नए निदेशक श्री संजय मित्तल की भूमिका और कंपनी पर उनका प्रभाव।
- जुटाए गए फंड का उपयोग कैसे होगा।
