Regency Fincorp जुटाएगी ₹500 करोड़, बोर्ड में हुए बदलाव
Regency Fincorp के बोर्ड ने 25 मार्च 2026 को हुई बैठक में कंपनी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹500 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दे दी है। इस बड़े फंड जुटाने की योजना के लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी, जिसके लिए 22 अप्रैल 2026 को एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई गई है।
बोर्ड में नई नियुक्तियां और इस्तीफे
कंपनी ने बोर्ड में कुछ अहम बदलावों की भी घोषणा की है। संजय मित्तल को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट एडिशनल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, सलोनी श्रीवास्तव ने इसी पद से इस्तीफा दे दिया है।
डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए नॉमिनी डायरेक्टर का प्रावधान
इसके अलावा, बोर्ड ने Regency Fincorp के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य डिबेंचर ट्रस्टियों को कंपनी में नॉमिनी डायरेक्टर नियुक्त करने की सुविधा देना है, जिससे ऋणधारकों (debt holders) की निगरानी बढ़ेगी।
फंड का इस्तेमाल और भविष्य की योजनाएं
माना जा रहा है कि ₹500 करोड़ के NCDs के ज़रिए जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने या बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कर सकती है। डायरेक्टorship में हुए बदलावों से बोर्ड की संरचना और विशेषज्ञता में भी बदलाव आने की उम्मीद है।
EGM में शेयरधारकों को NCDs जारी करने और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन जैसे प्रमुख प्रस्तावों पर अपनी राय देनी होगी। कंपनी के लिए शेयरधारकों से मंजूरी प्राप्त करना और ऋण बाज़ार की उतार-चढ़ाव भरी स्थितियों से निपटना महत्वपूर्ण होगा।
