Regency Fincorp Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 10 अप्रैल, 2026 को हुई एक अहम बैठक में ₹30 करोड़ के सिक्योरड, रेटेड, लिस्टेड, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) इश्यू करने की मंजूरी दे दी है। कुल 30,000 NCDs जारी किए जाएंगे, हर एक का फेस वैल्यू ₹10,000 होगा। इन्हें प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए बांटा जाएगा।
इन NCDs पर 14% का सालाना कूपन रेट ऑफर किया जाएगा, जिसका भुगतान हर महीने किया जाएगा। इन डिबेंचर्स की मैच्योरिटी अवधि 12 महीने और 5 दिन होगी। इस पूरे प्रोसेस को संभालने के लिए Catalyst Trusteeship Limited को ट्रस्टी और Credora Partners Private Limited को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है। इन NCDs को स्टॉक एक्सचेंज BSE Limited पर लिस्ट किया जाएगा।
यह कैपिटल रेज Regency Fincorp के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने लेंडिंग ऑपरेशन्स को मजबूत करने और बिजनेस ग्रोथ को आगे बढ़ाने में करेगी। निवेशकों के नजरिए से, ये NCDs एक फिक्स्ड-इनकम इन्वेस्टमेंट का अच्छा मौका पेश करते हैं, जो सिक्योरिटी के साथ आते हैं और स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे।
एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर, Regency Fincorp के लिए NCDs के जरिए कैपिटल जुटाना एक आम बात रही है। कंपनी ने हाल के महीनों में भी ऐसी कई इश्यूज़ पूरी की हैं। फरवरी 2026 में ₹25 करोड़ और मार्च 2026 में ₹25 करोड़ के NCDs इश्यू किए गए थे, जिन पर भी 14% का कूपन रेट था। कंपनी ने आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹5 अरब तक का डेट इश्यू करने की भी योजना बनाई है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी विस्तार के लिए डेट मार्केट पर काफी निर्भर है।
हालांकि, निवेशकों को Regency Fincorp के NCDs में निवेश करने से पहले कुछ अहम जोखिमों पर भी गौर करना चाहिए। एक बड़ी चिंता डायरेक्टर Sunil Jindal का मार्च 2026 में अयोग्य (disqualified) पाया जाना है, जिससे कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े होते हैं। कंपनी का डेट फाइनेंसिंग पर लगातार फोकस उसके फाइनेंशियल लीवरेज को बढ़ाता है और साथ ही इंटरेस्ट एक्सपेंसेस को भी। 14% का फिक्स्ड कूपन रेट Regency को यह कॉस्ट चुकाने के लिए बाध्य करेगा, भले ही उसके लेंडिंग बिजनेस से होने वाली कमाई में उतार-चढ़ाव आए।
फिलहाल, NBFCs के NCDs पर सालाना यील्ड आम तौर पर 7.40% से 14.10% के बीच रहता है। Regency Fincorp का 14% का कूपन रेट इस रेंज के ऊपरी सिरे पर है, जो अक्सर उन इश्यूअर्स की ओर इशारा करता है जिनका क्रेडिट रिस्क ज्यादा माना जाता है या जो ज्यादा कैपिटल आकर्षित करना चाहते हैं। जबकि Bajaj Finance और Tata Capital जैसे उच्च-रेटेड पीयर्स भी प्रतिस्पर्धी दरें देते हैं, Regency का ऑफर उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है जो उच्च यील्ड की तलाश में हैं।
आगे के लिए, निवेशकों की नजरें इन NCDs के अलॉटमेंट और BSE पर उनकी लिस्टिंग से जुड़ी फाइनल डिटेल्स पर रहेंगी। कंपनी का लगातार फाइनेंशियल परफॉरमेंस इस नए डेट को सर्विस करने की उसकी क्षमता का आंकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके अतिरिक्त, डायरेक्टर की अयोग्यता से जुड़े किसी भी नए खुलासे और मैनेजमेंट पर इसके प्रभाव पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
