Real Touch Finance: नकदी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम! ₹13 करोड़ का लोन पोर्टफोलियो बेचा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Real Touch Finance: नकदी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम! ₹13 करोड़ का लोन पोर्टफोलियो बेचा
Overview

Real Touch Finance Ltd. ने अपनी नकदी (liquidity) और कैपिटल एलोकेशन को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने **₹13.03 करोड़** का अपना लोन पोर्टफोलियो ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है।

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बोर्ड ने लोन पोर्टफोलियो बिक्री को दी मंजूरी

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस ₹13,02,64,843.63 करोड़ के लोन पोर्टफोलियो की बिक्री को हरी झंडी दे दी है। इस पोर्टफोलियो को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा, जिसकी कीमत ₹12,73,59,172.40 है, 20 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। वहीं, दूसरा हिस्सा, जिसका मूल्य ₹29,05,671.23 है, 1 जून, 2026 से लागू होगा।

इस कदम के पीछे की रणनीति

कंपनी इस कदम के जरिए अपने एसेट बेस को सुव्यवस्थित करना चाहती है। इस पोर्टफोलियो को बेचकर, Real Touch Finance का लक्ष्य कैपिटल को फ्री करना और अपनी लिक्विडिटी पोजीशन को मजबूत करना है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में इस तरह के पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट आम हैं, जो कंपनियों को रिस्क मैनेज करने और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।

कंपनी का बैकग्राउंड और फंड जुटाना

Real Touch Finance मुख्य रूप से भारत में एक NBFC के तौर पर काम करती है। यह कंपनी लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (Loan Against Property) और पर्सनल लोन (personal loans) जैसी सेवाएं देती है। हाल ही में, मार्च 2026 में कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके फंड जुटाने की भी मंजूरी दी थी।

संभावित फाइनेंशियल असर

इस ट्रांसफर के बाद, Real Touch Finance को अपनी लिक्विडिटी में सुधार और कैपिटल एलोकेशन स्ट्रेटेजी में ऑप्टिमाइजेशन की उम्मीद है। इस ट्रांजेक्शन का कंपनी की ओवरऑल फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई खास निगेटिव असर पड़ने की आशंका नहीं है।

नजर रखने लायक जोखिम

हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। प्रोविजन्स और कंटिंजेंसी (provisions and contingencies) में 40.41% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो एसेट क्वालिटी की निगरानी की मांग करती है। कंपनी के रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में पिछले तीन सालों में 8.03% की अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी देखी गई है, और इसका इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (interest coverage ratio) भी कम बताया गया है।

मार्केट में कंपनी की पोजीशन

NBFC मार्केट में एक स्मॉल-कैप कंपनी होने के नाते, Real Touch Finance की तुलना अक्सर Bajaj Finance, Jio Financial Services और Shriram Finance जैसी बड़ी कंपनियों से की जाती है, जिन्हें पैमाने और मार्केट इन्फ्लुएंस का अधिक लाभ मिलता है।

आगे क्या देखें

आगे, दोनों लोन पूल की प्रभावी ट्रांसफर डेट्स और कंपनी की लिक्विडिटी व कैपिटल डिप्लॉयमेंट पर असल असर पर नजर रखनी होगी। निवेशक शेष लोन पोर्टफोलियो के प्रदर्शन और किसी भी नई एसेट एक्विजिशन स्ट्रेटेजी पर भी ध्यान देंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.