Ranjit Securities पर संकट: दूसरे ऑडिटर ने भी छोड़ा साथ, निवेशकों में घबराहट!
Ranjit Securities Ltd. के लिए मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) M/s NM Rathi & Associates ने 30 मार्च, 2026 से प्रभावी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने इसके लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।
कुछ महीनों में दूसरा बड़ा झटका
यह दूसरी बार है जब Ranjit Securities को कुछ ही महीनों के भीतर अपने वैधानिक ऑडिटर को बदलते हुए देखा गया है। इससे पहले, M/s Jain Doshi and Company ने भी व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए 13 जनवरी, 2026 से अपना इस्तीफा दे दिया था। ऑडिटर के इस तरह बार-बार बदलने की वजह से कंपनी के वित्तीय प्रबंधन (Financial Oversight) और ऑडिट एंगेजमेंट्स की निरंतरता पर निवेशकों की पैनी नजर है।
नियामक नियमों का पालन जरूरी
Ranjit Securities को अब कंपनी अधिनियम, 2013 (Companies Act, 2013) और SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 (SEBI (LODR) Regulations, 2015) के तहत नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। कंपनी को एक नया वैधानिक ऑडिटर नियुक्त करना होगा जो अगले एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) तक पद संभालेगा। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट से छूट
एक अलग खबर में, कंपनी को हाल ही में 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट (Corporate Governance Report) दाखिल करने से छूट मिली थी, क्योंकि उसने कुछ वित्तीय सीमाएं पूरी कर ली थीं।
निवेशकों की चिंताएं और जोखिम
वैधानिक ऑडिटरों के बार-बार इस्तीफे से निवेशकों के मन में कंपनी के वित्तीय रिपोर्टिंग ढांचे की स्थिरता और ऑडिट कमेटी की निगरानी की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसके अलावा, कंपनी पर समय पर एक प्रतिष्ठित ऑडिटर नियुक्त करने का दबाव भी होगा ताकि अनुपालन बनाए रखा जा सके और वित्तीय रिपोर्टिंग में किसी भी देरी से बचा जा सके।
इंडस्ट्री में तुलना
हालांकि, Bajaj Finance Ltd. और Shriram Finance Ltd. जैसी बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनियों (NBFCs) की तुलना में, U Y Fincorp Ltd. जैसी छोटी संस्थाएं अधिक तुलनीय पैमाने पर काम करती हैं। लेकिन, Ranjit Securities में ऑडिटर बदलाव का यह हालिया इतिहास इसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में निवेशकों के लिए एक विशिष्ट चिंता का विषय बना हुआ है।
