SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के कड़े नियमों का पालन करते हुए, RSD Finance Limited ने अपने तिमाही नतीजों से पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। कंपनी ने अपने सभी डेजिग्नेटेड कर्मचारियों (designated employees) और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। यह पाबंदी 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो जाएगी।
यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) 2026 की चौथी तिमाही (Q4) और पूरे साल के अनऑडिटेड नतीजों (unaudited results) की घोषणा होने के 48 घंटे बाद ही खुलेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) को रोकना है। SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, यह सुनिश्चित किया जाता है कि जिन लोगों के पास कंपनी की अहम, अप्रकाशित और मूल्य-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price Sensitive Information - UPSI) होती है, वे कंपनी के शेयरों में तब तक ट्रेड न करें जब तक कि यह जानकारी सार्वजनिक न हो जाए। हालिया SEBI निर्देशों ने इन नियमों को और मजबूत किया है, जिसमें डेजिग्नेटेड व्यक्तियों के तत्काल रिश्तेदारों को भी शामिल किया गया है।
RSD Finance Limited, जिसकी स्थापना 1963 में हुई थी, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है। इसके बिजनेस में लेंडिंग (lending), निवेश (investments), जॉब वर्क (job work) और रियल एस्टेट (real estate) शामिल हैं।
इस बंद अवधि के दौरान, डेजिग्नेटेड कर्मचारी और उनके रिश्तेदार RSD Finance के शेयर खरीदने या बेचने से पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अब सभी की निगाहें कंपनी के आगामी Q4 FY26 वित्तीय नतीजों की घोषणा पर टिकी हैं।
इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर (trading window closure) अन्य NBFCs में भी एक आम बात है। उदाहरण के लिए, Asia Capital Limited और Manappuram Finance Limited जैसी कंपनियों ने भी अपने नतीजों से पहले ऐसे ही कदम उठाए हैं। निवेशकों को अब कंपनी द्वारा वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने वाले बोर्ड मीटिंग (Board Meeting) की तारीख की घोषणा का इंतजार करना चाहिए, जिसके बाद ही आधिकारिक नतीजे जारी होंगे।