SEBI के नियम और RGF Capital Markets का कदम
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य मकसद कंपनी के अंदरूनी लोगों को नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले शेयर्स की खरीद-बिक्री करने से रोकना है, ताकि इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम लगाई जा सके।
कौन-कौन रहेगा प्रतिबंधित?
इस अवधि के दौरान, RGF Capital Markets के बोर्ड मेंबर्स, खास कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के किसी भी शेयर या सिक्योरिटी में ट्रेड नहीं कर पाएंगे। यह नियम कंपनी के लिए एक रूटीन प्रक्रिया है, जिसे सभी लिस्टेड कंपनियों को मानना पड़ता है।
कंपनी की जानकारी और इंडस्ट्री ट्रेंड
RGF Capital Markets Limited, जो कोलकाता की एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, 1983 में स्थापित हुई थी। यह कंपनियों को सिक्योरिटीज और प्रॉपर्टी पर लोन जैसी सेवाएं देती है। यह ट्रेंड सिर्फ RGF Capital Markets तक सीमित नहीं है, बल्कि Aditya Birla Capital और IIFL Finance जैसी बड़ी फाइनेंशियल फर्म्स भी बाजार की इंटीग्रिटी बनाए रखने के लिए इसी तरह की प्रक्रिया का पालन करती हैं।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब कंपनी की बोर्ड मीटिंग की तारीख पर रहेगी, जहां FY26 के फाइनल नतीजों की समीक्षा की जाएगी। नतीजों के एलान के बाद ही कंपनी की ट्रेडिंग विंडो दोबारा खुलेगी।