Manoj Sharma, Power Finance Corporation (PFC) के नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर REC Limited के बोर्ड से 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से हट जाएंगे। यह कदम PFC से उनकी सेवानिवृत्ति (retirement) के चलते उठाया जा रहा है।
PFC ने REC Limited को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया है कि श्री शर्मा अब कंपनी के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में कार्य नहीं करेंगे। यह एक नियमित प्रशासनिक परिवर्तन है जो श्री शर्मा के PFC से रिटायर होने के कारण हो रहा है।
यह बदलाव REC Limited के बोर्ड की संरचना में एक परिवर्तन का संकेत देता है। हालांकि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, यह पब्लिक सेक्टर की संस्थाओं में नेतृत्व की भूमिकाओं की गतिशील प्रकृति को दर्शाता है। उम्मीद है कि बोर्ड कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रेगुलेटरी कंप्लायंस पर अपना ध्यान बनाए रखेगा।
PFC की REC Limited में 52.63% हिस्सेदारी है, जो इसे REC की होल्डिंग कंपनी बनाती है। दोनों कंपनियां भारत के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर की फाइनेंसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और वर्तमान में एक मर्जर प्रक्रिया से गुजर रही हैं। श्री शर्मा, जिन्हें पावर सेक्टर में 34 साल से अधिक का अनुभव है, को इससे पहले जुलाई 2023 में REC के बोर्ड में PFC के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया था।
अब निवेशकों की नजरें PFC द्वारा REC के बोर्ड में खाली हुई जगह को भरने के लिए एक नए नॉमिनी डायरेक्टर की नियुक्ति पर होंगी। इसके अलावा, PFC और REC के बीच चल रही मर्जर की प्रगति भी आगे चलकर रुचि का मुख्य बिंदु बनी रहेगी।
बोर्ड में यह बदलाव एक सामान्य रिटायरमेंट प्रक्रिया का हिस्सा है और REC Limited के संचालन या गवर्नेंस के लिए कोई विशेष जोखिम पैदा नहीं करता है। REC, HUDCO, IRFC और IREDA जैसी अन्य सरकारी स्वामित्व वाली NBFCs के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जिन्हें इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस सेक्टर में उनके वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन के लिए बेंचमार्क किया जाता है।
