PFC डायरेक्टर अब REC बोर्ड में, PSU तालमेल को मिलेगी नई धार
REC Limited ने श्री राजीव रंजन झा को अपने बोर्ड में नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 6 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी। श्री झा, जो Power Finance Corporation Limited (PFC) में डायरेक्टर (Projects) के पद पर हैं, PFC की ओर से REC के बोर्ड का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस फैसले को मिनिस्ट्री ऑफ पावर (Ministry of Power) की मंजूरी मिली है और यह 20 मार्च, 2019 के शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement) का नतीजा है।
गवर्नेंस और सिनर्जी में होगा सुधार
यह कदम REC और PFC, जो दोनों पावर फाइनेंसिंग सेक्टर के प्रमुख पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) हैं, के बीच गवर्नेंस (Governance) ढांचे को और मजबूत करता है। श्री झा की REC के बोर्ड में नियुक्ति इन दोनों संस्थाओं के बीच निरंतर तालमेल और आपसी समन्वय को दर्शाती है। यह सरकार की राज्य-स्वामित्व वाली संस्थाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।
REC और PFC का बैकग्राउंड
REC लिमिटेड भारत भर में पावर प्रोजेक्ट्स, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को फाइनेंस करने वाली एक लीडिंग पब्लिक सेक्टर NBFC है। वहीं, Power Finance Corporation (PFC) भी पावर सेक्टर की एक समान PSU NBFC है, जिसके पास REC में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है और वह इसके गवर्नेंस में अहम भूमिका निभाती है। मिनिस्ट्री ऑफ पावर इन संस्थाओं की नियुक्तियों और गवर्नेंस की देखरेख करती है, ताकि PSU के समेकन (consolidation) और दक्षता (efficiency) को बढ़ाया जा सके।
आगे क्या?
आगे चलकर, REC के बोर्ड डिस्कशन (board discussions) और रणनीतिक फैसलों में श्री झा के योगदान पर सबकी नजर रहेगी। साथ ही, REC और PFC के बीच किसी भी आगे के एकीकरण (integration) या सहयोगात्मक पहलों (collaborative initiatives) पर भी बाजार की खास निगाहें होंगी।
