दमदार नतीजों के साथ RBL Bank का एसेट क्वालिटी में सुधार
RBL Bank ने Q4 FY26 के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने ₹4,791.36 करोड़ की टोटल इनकम पर ₹244.42 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह साल-दर-साल (YoY) 7% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्शाता है।
नतीजों का एक अहम पहलू बैंक की एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। स्टैंडअलोन ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो घटकर 1.45% पर आ गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 2.60% था। हालांकि, स्टैंडअलोन नेट एनपीए रेश्यो 0.29% से बढ़कर 0.39% हो गया है, जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 का प्रदर्शन
पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 के लिए, RBL Bank का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 22.59% बढ़कर ₹879.05 करोड़ हो गया। वहीं, कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹18,463.93 करोड़ रही। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में भी साल-दर-साल 3.43% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बैंक ने फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रति शेयर ₹1 का डिविडेंड (Dividend) प्रस्तावित किया है।
Emirates NBD के साथ बड़ी डील
RBL Bank के लिए सबसे बड़ी खबर मध्य पूर्व के प्रमुख बैंकिंग ग्रुप Emirates NBD Bank द्वारा 60% हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण को लेकर है। फरवरी 2024 में घोषित इस डील को लेकर बैंक रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार कर रहा है। यह डील भारतीय बैंकिंग सेक्टर और RBL Bank के लिए विदेशी निवेशक के मजबूत विश्वास का संकेत देती है।
भविष्य की राह और मुख्य चिंताएं
अगर Emirates NBD डील को सभी आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाते हैं, तो इससे RBL Bank की कैपिटल स्ट्रक्चर मजबूत हो सकती है और उसे बेहतर स्ट्रैटेजिक दिशा मिल सकती है। इससे प्रोडक्ट ऑफरिंग, लेंडिंग कैपेसिटी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मुख्य जोखिम अभी भी इस ट्रांजेक्शन के लिए लंबित वैधानिक और रेगुलेटरी अप्रूवल हैं।
अन्य बड़े बैंकों जैसे HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank की तुलना में RBL Bank की 7% की रेवेन्यू ग्रोथ को हेल्दी माना जा रहा है। उदाहरण के लिए, HDFC Bank ने Q4 FY26 में ₹19,221 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ICICI Bank ने ₹13,701.68 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया था।
