RBI की हरी झंडी और शर्तें
RBI ने 1 अप्रैल, 2026 को जारी एक मंजूरी में कहा है कि Emirates NBD, RBL Bank के पेड-अप शेयर कैपिटल का 74% तक अधिग्रहण कर सकती है। हालांकि, इस मंजूरी के साथ कुछ अहम शर्तें भी जुड़ी हैं। Emirates NBD को RBL Bank में कम से कम 51% हिस्सेदारी बनाए रखनी होगी और उसके वोटिंग अधिकार कुल वोटिंग अधिकारों के 26% तक सीमित रहेंगे। यह मंजूरी 18 अक्टूबर, 2025 को दोनों बैंकों के बीच हुए इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट के बाद आई है।
RBL Bank के लिए क्यों है खास?
यह डील RBL Bank के लिए एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत दे सकती है। यह बैंक एक प्रमुख मध्य पूर्वी बैंकिंग समूह के नियंत्रण में आ सकता है, जिससे नए पूंजी निवेश और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग विशेषज्ञता का रास्ता खुलेगा। इस बदलाव के बाद RBL Bank को एक फॉरेन बैंक सब्सिडियरी के तौर पर वर्गीकृत किया जाएगा, जिसका मतलब है कि इसके संचालन और रेगुलेटरी ढांचे में बदलाव आ सकते हैं।
आगे क्या?
इस डील को फाइनल होने के लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से भी मंजूरी लेनी होगी, खासकर 49% के आंकड़े को पार करने वाले निवेश के लिए। RBI की मंजूरी, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949, FEMA, SEBI रेगुलेशन और अन्य लागू नियमों का अनुपालन करने पर निर्भर है। निवेशकों की नजरें अब सरकारी मंजूरी और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के पूरा होने पर टिकी रहेंगी।
ऑपरेशनल बदलाव
नई संरचना के तहत, RBL Bank को फॉरेन बैंक सब्सिडियरी के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा, जिसमें Emirates NBD पेरेंट फॉरेन बैंक होगा। इसके लिए बैंक के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में भी जरूरी बदलाव करने होंगे।