खर्चों में आग, मुनाफे पर ग्रहण
Pyxis Finvest के एनुअल टोटल एक्सपेंस (Annual Total Expenses) पिछले साल के ₹1.03 करोड़ से लगभग तीन गुना बढ़कर ₹2.95 करोड़ हो गए। यह खर्चे में हुई 186% की तेज बढ़ोतरी, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में आई महज 4.05% की मामूली ग्रोथ को बुरी तरह मात दे गई। इस फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹1.54 करोड़ रहा। इसी वजह से, कंपनी का स्टैंडअलोन EPS (Earnings Per Share) पिछले साल के ₹0.29 से गिरकर ₹(0.96) पर आ गया।
दूसरी छमाही के नतीजे भी चिंताजनक
फाइनेंशियल ईयर के दूसरे हाफ (H2) में, जो 31 मार्च, 2026 को खत्म हुआ, Pyxis Finvest को ₹(0.91) करोड़ का नेट लॉस हुआ। इस अवधि में रेवेन्यू ₹0.78 करोड़ रहा, जबकि टोटल एक्सपेंस ₹2.00 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, इस छह महीने की अवधि में रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में 59.18% की मजबूत बढ़ोतरी देखी गई।
नेट वर्थ में कमी, पर एक अच्छी खबर
कंपनी के स्टैंडअलोन नेट वर्थ (Net Worth) में भी कमी आई, जो 31 मार्च, 2026 तक ₹18.78 करोड़ रह गया, जबकि पहले यह ₹19.89 करोड़ था। यह कंपनी के वित्तीय भंडार में कमी का संकेत देता है।
एक अच्छी खबर यह रही कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) से जुड़े पुराने राइट-ऑफ किए गए नुकसान की रिकवरी से कंपनी को ₹0.55 करोड़ का नॉन-रिकरिंग इनकम (Non-recurring income) प्राप्त हुआ। इसके अलावा, कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) ने एक क्लीन ऑडिट रिपोर्ट दी है, जिससे किसी बड़ी अकाउंटिंग समस्या के न होने का संकेत मिलता है।
Pyxis Finvest एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो लेंडिंग और इन्वेस्टमेंट का काम करती है। NSEL रिकवरी से कुछ राहत मिली है, लेकिन मैनेजमेंट के सामने अब कॉस्ट कंट्रोल (Cost Control) को कड़ा करने और ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने के तरीके खोजने की बड़ी चुनौती होगी ताकि प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को फिर से हासिल किया जा सके।