Purple Finance का बड़ा दांव: ₹25 Cr NCDs से जुटाए, ₹37.93 Cr का लोन पोर्टफोलियो बेचा!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Purple Finance का बड़ा दांव: ₹25 Cr NCDs से जुटाए, ₹37.93 Cr का लोन पोर्टफोलियो बेचा!
Overview

Purple Finance ने अपने फाइनेंसियल पोजीशन को मजबूत करने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने **₹25 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने और **₹37.93 करोड़** के लोन पोर्टफोलियो को डायरेक्ट असाइनमेंट के जरिए बेचने को मंजूरी दी है।

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Purple Finance Limited अपने बोर्ड की मीटिंग में लिए गए अहम फैसलों के तहत ₹25.00 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करेगी। इन NCDs की मैच्योरिटी 24 महीने की होगी और इन पर 12% सालाना ब्याज दर मिलेगी, जिसका भुगतान हर महीने किया जाएगा।

इसके साथ ही, कंपनी 90:10 के अनुपात में ₹37.93 करोड़ के लोन पोर्टफोलियो को डायरेक्ट असाइनमेंट के ज़रिए बेचेगी।

क्यों ये कदम ज़रूरी हैं?

इन दोनों कदमों का मकसद Purple Finance की फाइनेंसियल पोजीशन को और मजबूत करना है। NCDs से मिलने वाली फ्रेश कैपिटल कंपनी के ऑपरेशन्स और ग्रोथ के लिए इस्तेमाल की जाएगी। वहीं, लोन एसेट्स की बिक्री से प्रॉफिट बढ़ने और लिक्विडिटी मैनेजमेंट (liquidity management) बेहतर होने की उम्मीद है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

Purple Finance एक नॉन-डिपॉजिट टेकिंग फाइनेंसियल कंपनी है जो MSMEs को सिक्योर बिज़नेस लोन देती है, खासकर छोटे शहरों में। कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और Canopy Finance Limited के साथ मर्जर जैसे स्ट्रैटेजिक बदलावों पर भी काम कर रही है।

डायरेक्ट असाइनमेंट एक आम तरीका है जिसमें फाइनेंस कंपनियां लोन एसेट्स को रिस्क अपने पास रखे बिना बेच देती हैं। इससे कैपिटल फ्री होता है और बैलेंस शीट को मैनेज करना आसान हो जाता है। Purple Finance ने पहले भी IDFC First Bank और Vaastu Housing Finance Corporation जैसी संस्थाओं को लोन पोर्टफोलियो बेचे हैं। कंपनी ने जनवरी 2026 में भी ₹25 करोड़ के NCDs जारी किए थे।

क्या बदलेगा?

  • बेहतर फंडिंग: NCDs से मिले ₹25 करोड़ से कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) में बड़ा उछाल आएगा।
  • पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइजेशन: ₹37.93 करोड़ के एसेट्स की बिक्री से कैपिटल एफिशिएंसी (capital efficiency) सुधरेगी।
  • आय में वृद्धि: इस बिक्री से कंपनी के प्रॉफिट में इजाफा होने की उम्मीद है।
  • इन्वेस्टर बेस में विविधता: NCDs के ज़रिए कंपनी अलग-अलग तरह के इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर सकती है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

NCDs पर डिफॉल्ट (default) होने का जोखिम एक बड़ा कंसर्न है। यदि ऐसा होता है, तो Purple Finance को एग्रीड 12% दर के अलावा 2% अतिरिक्त ब्याज पेनल्टी देनी पड़ सकती है। इसके अलावा, कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद भारी नेट लॉस (net losses) दर्ज किया है। एक एक्विजिशन (acquisition) के लिए ओपन ऑफर (open offer) भी अभी RBI की मंजूरी का इंतज़ार कर रहा है।

पीयर कम्पेरिज़न (Peer Comparison)

Bajaj Finance Ltd. और HDFC Ltd. जैसी बड़ी फाइनेंसियल कंपनियां भी ऐसे ही डेट फंडिंग (debt funding) और एसेट मैनेजमेंट (asset management) की स्ट्रेटेजी अपनाती हैं।

आगे क्या देखें?

  • BSE होलसेल डेट मार्केट (BSE Wholesale Debt market) पर NCDs की लिस्टिंग।
  • पोर्टफोलियो बिक्री से होने वाली कमाई का आकलन करने के लिए क्वार्टरली रिजल्ट्स (quarterly results)।
  • एक्विजिशन ओपन ऑफर का नतीजा और RBI की मंजूरी।
  • कंपनी की कर्ज और प्रॉफिटेबिलिटी मैनेज करने की क्षमता, खासकर रिपोर्ट किए गए लॉसेस को देखते हुए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.