MSME लेंडिंग को मिलेगी गति
Purple Finance Ltd ने अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए ₹20 करोड़ का फंड जुटाया है। यह रकम 12.00% की सालाना ब्याज दर वाले नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके प्राप्त हुई है। यह NCDs लगभग 23 महीने की अवधि के लिए हैं।
किसने किया निवेश?
कंपनी ने यह फंड Ambium Finserve Limited और Wint Securities Private Limited को प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए NCDs जारी करके जुटाया है। ये डिबेंचर्स सीनियर, सिक्योर, रेटेड, लिस्टेड और रिडीमेबल हैं। इनकी मैच्योरिटी 26 अप्रैल 2028 को होगी।
MSME सेक्टर को होगा फायदा
इस नए फंड से Purple Finance की फाइनेंसियल पोजीशन और मज़बूत होगी, जिससे कंपनी MSME सेक्टर में अपने लेंडिंग ऑपरेशन्स का विस्तार कर सकेगी और भविष्य की ग्रोथ की राह को आसान बना सकेगी।
कंपनी का बैकग्राउंड
मुंबई बेस्ड Purple Finance, जो 1993 से NBFC सेक्टर में सक्रिय है, मुख्य रूप से MSMEs को सुरक्षित बिज़नेस लोन देती है। कंपनी ने जून 2024 में BSE पर लिस्टिंग के बाद से अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि, निवेशकों को कंपनी के पिछले कुछ रेगुलेटरी मुद्दों पर भी नज़र रखनी चाहिए। मार्च 2026 में कंपनी ने डिस्क्लोजर लैप्स (Disclosure Lapses) के लिए BSE के साथ एक मामला सुलझाया था। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में तकनीकी दिक्कतों के कारण ब्याज भुगतान में अस्थायी देरी हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। MSME लेंडिंग में क्रेडिट रिस्क (Credit Risk) भी एक अहम पहलू है। मार्च 2026 तक कंपनी के AUM का 1.13% स्टेज III लोन और लॉस एसेट्स के रूप में था। साथ ही, ₹20 करोड़ के इस नए डेट पर 12% का एनुअल इंटरेस्ट कॉस्ट (Annual Interest Cost) कंपनी के फाइनेंस एक्सपेंसेस (Finance Expenses) को बढ़ाएगा।
बाज़ार में क्या है स्थिति?
Purple Finance, NBFC सेक्टर में IIFL Finance और L&T Finance Holdings जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ काम करती है। NCDs के ज़रिए फंड जुटाना NBFCs के लिए एक आम तरीका है, और 12% का यह कूपन रेट (Coupon Rate) बाज़ार की मौजूदा दरों के अनुरूप ही है। Wint Wealth जैसे प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के यील्ड (Yield) वाले निवेश विकल्प ऑफर करते हैं।
