Purple Finance जुटाएगी ₹5 करोड़, 12.50% ब्याज दर पर NCDs को मिली हरी झंडी
Purple Finance Limited के फाइनेंस कमेटी ने ₹5 करोड़ की राशि जुटाने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के प्राइवेट प्लेसमेंट को मंजूरी दे दी है। इन NCDs की कुल संख्या 500 होगी, प्रत्येक का फेस वैल्यू ₹1 लाख होगा और मैच्योरिटी पीरियड 61 महीने का होगा। इन पर कंपनी 12.50% सालाना ब्याज दर का भुगतान करेगी।
यह फंड कंपनी के सामान्य व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इस कदम से Purple Finance के कुल डेट ऑब्लिगेशन्स (कर्ज़ की ज़िम्मेदारियां) और इंटरेस्ट एक्सपेंसेस (ब्याज का खर्च) में बढ़ोतरी होगी। हालाँकि, इस पूंजी का लक्ष्य व्यवसाय के विकास और परिचालन संबंधी ज़रूरतों को पूरा करना है, साथ ही कंपनी के मुख्य लेंडिंग एक्टिविटीज़ (lending activities) को बढ़ावा देना है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और हालिया गतिविधियां
Purple Finance एक रजिस्टर्ड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो मुख्य रूप से माइक्रो और छोटे उद्यमों को सिक्योर्ड बिज़नेस लोन (secured business loans) देने में विशेषज्ञता रखती है, खासकर टियर II, III और IV शहरों में। कंपनी की स्थापना 1993 में हुई थी और 2013 में यह NBFC बनी। फरवरी 2024 में इसका Canopy Finance Limited के साथ मर्जर (विलय) हुआ और जून 2024 में यह BSE पर लिस्टेड हुई। हाल के दिनों में, कंपनी ने कई पूंजी जुटाने की गतिविधियां की हैं। मार्च 2026 में, बोर्ड ने ₹25 करोड़ के NCD इश्यू और ₹37.93 करोड़ के पोर्टफोलियो सेल को अधिकृत किया था। इसी महीने कंपनी ने ₹2 करोड़ के मौजूदा NCDs को रिडीम (वापस चुकाया) भी किया था।
निवेशकों को किन जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए
- कर्ज़ का बोझ (Debt Burden): अतिरिक्त ₹5 करोड़ के कर्ज़ के लिए लगातार ब्याज भुगतान की ज़रूरत होगी, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ (राजस्व वृद्धि) धीमी होने पर कैश फ्लो पर दबाव आ सकता है।
- ब्याज दर का जोखिम (Interest Rate Risk): हालाँकि वर्तमान NCDs 12.50% पर फिक्स्ड हैं, भविष्य में बाज़ार दरों में उतार-चढ़ाव से उधार लेने की लागत प्रभावित हो सकती है।
- फाइनेंशियल लीवरेज (Financial Leverage): कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और लो इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो (interest coverage ratio) बताते हैं कि कंपनी अपने डेट लेवल के प्रति संवेदनशील है।
- कंप्लायंस का इतिहास (Compliance History): मार्च 2026 में डिस्क्लोजर में देरी के लिए BSE द्वारा लगाया गया जुर्माना, आंतरिक कंप्लायंस (अनुपालन) उपायों को मज़बूत करने की ज़रूरत को दर्शाता है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
प्रतिस्पर्धी NBFC सेक्टर में, Purple Finance को Bajaj Finance (मार्केट कैप: ₹5.11 लाख Cr) और Shriram Finance (मार्केट कैप: ₹1.64 लाख Cr) जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करना पड़ता है। Purple Finance, जिसका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹300-400 करोड़ के बीच अनुमानित है, एक काफी छोटी इकाई है।
आगे क्या देखें
- NCDs के अंतिम अलॉटमेंट की तारीख और सफलतापूर्वक कितने NCDs रखे गए।
- ₹5 करोड़ का कंपनी के विभिन्न लेंडिंग ऑपरेशंस में विशेष आवंटन।
- कंपनी की एसेट क्वालिटी (परिसंपत्ति की गुणवत्ता) और लोन पोर्टफोलियो की परिपक्वता (maturity) में सुधार पर कोई भी अपडेट।
