Purple Finance में बड़े फेरबदल: नए डेप्युटी सीईओ और कलेक्शन हेड नियुक्त, ऑडिटर भी बदला

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Purple Finance में बड़े फेरबदल: नए डेप्युटी सीईओ और कलेक्शन हेड नियुक्त, ऑडिटर भी बदला
Overview

Purple Finance Ltd ने अपने टॉप मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण फेरबदल किए हैं। कंपनी ने Souvik Dasgupta को नया डेप्युटी सीईओ (Deputy CEO) और Amit Semwal को कलेक्शन विभाग का नया हेड (Head – Collection) नियुक्त किया है। इसके साथ ही, Agre Dasija Patel & Associates LLP को फाइनेंशियल ईयर **2026-27** के लिए नया इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां **21 अप्रैल, 2026** से प्रभावी होंगी।

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टॉप मैनेजमेंट में फेरबदल और नए ऑडिटर की नियुक्ति

Purple Finance Limited ने अपने सीनियर मैनेजमेंट और आंतरिक लेखा-जोखा (Internal Audit) में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इन महत्वपूर्ण नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है, जो 21 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी।

कौन संभालेगा नई जिम्मेदारी?

Souvik Dasgupta अब कंपनी के डेप्युटी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Deputy CEO) की भूमिका निभाएंगे। उनके पास सिक्योरड लेंडिंग, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स और ट्रेजरी मैनेजमेंट में 23 साल से अधिक का अनुभव है। पहले वे Purple Finance के चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) रह चुके हैं।

वहीं, Amit Semwal को कलेक्शन विभाग का नया हेड (Head – Collection) नियुक्त किया गया है। यह बदलाव 21 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा।

नए ऑडिटर की भी हुई नियुक्ति

इसके अलावा, M/s. Agre Dasija Patel & Associates LLP को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा) के लिए कंपनी का इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) नियुक्त किया गया है।

इन बदलावों के पीछे की रणनीति

कंपनी का कहना है कि इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को बढ़ाना और आंतरिक नियंत्रण (Internal Control) को मजबूत करना है। MSME लेंडिंग पर फोकस करने वाली एक NBFC के लिए डेप्युटी सीईओ का पद रणनीतिक दिशा और रोजमर्रा के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। कलेक्शन विभाग को मजबूत करना एसेट क्वालिटी और मुनाफे को बनाए रखने के लिए जरूरी है। एक प्रोफेशनल फर्म को इंटरनल ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपना, मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और वित्तीय पारदर्शिता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पिछली घटनाएं और पृष्ठभूमि

यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले जून 2025 में, Ms. Mrinalini Sahai ने हेड-लीगल एंड कंप्लायंस (Head-Legal & Compliance) के पद से इस्तीफा दे दिया था। हाल ही में मार्च 2026 में, Purple Finance ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के साथ निरंतर प्रकटीकरण मानदंडों (Continuous Disclosure Norms) को पूरा करने में विफलता के लिए एक फाइन (Fine) का भुगतान करके मामले को सुलझाया था, कंपनी ने कहा था कि देरी अनजाने में हुई थी।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

इन नियुक्तियों से निवेशकों की उम्मीदें बढ़ सकती हैं। Souvik Dasgupta के नेतृत्व में रणनीतिक दिशा और परिचालन सुधार, Amit Semwal के अधीन कलेक्शन रणनीतियों में सुधार, और नए ऑडिटर के साथ मजबूत वित्तीय नियंत्रण की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के अनुपालन रिकॉर्ड, विशेष रूप से BSE से जुड़े पिछले मामले, और नए नेतृत्व की प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की क्षमता पर भी नजर रखनी होगी। कंपनी की समग्र लाभप्रदता और प्रतिस्पर्धी NBFC सेक्टर में इसकी स्थिति भी महत्वपूर्ण कारक रहेंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.