बैंक के ग्रॉस एडवांंसेस में 18.39% की धमाकेदार उछाल देखी गई, जो ₹1,17,920 करोड़ तक पहुंच गया। यह दिखाता है कि कंपनी ग्राहकों को लोन देने के मामले में काफी सक्रिय रही।
वहीं, टोटल डिपॉजिट्स भी 12.37% बढ़कर ₹2,29,379 करोड़ दर्ज किए गए। इन सब के बीच, क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो में भी सुधार हुआ है और यह 80.86% पर आ गया है। यह बैंक की डिपोजिट्स का इस्तेमाल करके लोन देने की एफिशिएंसी को दर्शाता है, जो आम तौर पर प्रॉफिटेबिलिटी के लिए एक पॉजिटिव साइन होता है। CASA डिपॉजिट्स 30.77% पर रहे।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और ऑडिट के बाद ही फाइनल होंगे। ये शुरुआती नतीजे FY26 के लिए बैंक की मजबूत ऑपरेशनल मोमेंटम की ओर इशारा कर रहे हैं।
आपको बता दें कि 1908 में स्थापित पंजाब एंड सिंध बैंक एक पब्लिक सेक्टर लेंडर है। हाल ही में, मार्च 2025 में बैंक ने कैपिटल रेज करके अपनी कैपिटलाइजेशन को मजबूत किया था। FY25 में भी बैंक का नेट प्रॉफिट 70% से ज़्यादा और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 80% से ज़्यादा बढ़ा था।
बैंक ने ₹1 ट्रिलियन का ग्रॉस एडवांंस का आंकड़ा भी पार किया था। हालांकि, बैंक को RBI से कुछ अनुपालन (compliance) संबंधी मुद्दों, जैसे CRILC रिपोर्टिंग और साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क, पर पेनल्टी भी मिली हैं। यह दर्शाता है कि रेगुलेटरी नियमों का पालन करना बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना रहेगा।
अगर कंपटीटर परफॉरमेंस की बात करें, तो PSB ने State Bank of India, Bank of Baroda, और Canara Bank जैसे बड़े बैंकों के मुकाबले इस अवधि में बढ़त दिखाई है।
निवेशकों को अब FY26 के फाइनल ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का इंतजार करना चाहिए। मैनेजमेंट की कमेंट्री और एसेट क्वालिटी पर नजर रखना आगे की रणनीति समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
