Punjab & Sind Bank: सालाना **30%** प्रॉफिट जंप, पर **₹1635 Cr** फ्रॉड ने मचाया हड़कंप!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Punjab & Sind Bank: सालाना **30%** प्रॉफिट जंप, पर **₹1635 Cr** फ्रॉड ने मचाया हड़कंप!
Overview

Punjab & Sind Bank (PSB) के FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। बैंक के नेट प्रॉफिट में जहां सालाना आधार पर **30.13%** की जोरदार बढ़ोतरी हुई, वहीं चौथी तिमाही (Q4) में रेवेन्यू **9.86%** गिर गया और **₹1,635.81 करोड़** के बड़े फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

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Punjab & Sind Bank (PSB) ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जो मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। जहां पूरे साल के लिए बैंक के नेट प्रॉफिट में 30.13% का जबरदस्त उछाल आया है, वहीं चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों में कुछ चिंताजनक बातें भी सामने आई हैं।

FY26 में दमदार ग्रोथ, पर Q4 में गिरावट
पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, PSB का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 30.13% बढ़कर ₹1,321.93 करोड़ पर पहुंच गया। यह ग्रोथ मुख्य रूप से एसेट क्वालिटी में सुधार और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में कमी के चलते संभव हुई। बैंक का ग्रॉस NPA (GNPA) 3.38% से घटकर 2.40% पर आ गया, जबकि नेट NPA (NNPA) भी 0.79% तक गिर गया। प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) 90.91% पर मजबूत बना हुआ है। FY26 के लिए बैंक का कुल रेवेन्यू भी 5.44% बढ़कर ₹13,759.30 करोड़ हो गया।

इसके विपरीत, मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में बैंक का टोटल इनकम या रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 9.86% घटकर ₹3,457.36 करोड़ दर्ज किया गया।

₹1,635 करोड़ से ज़्यादा का फ्रॉड, निवेशकों की बढ़ी चिंता
वित्तीय नतीजों के साथ ही PSB ने एक बड़ी चिंताजनक खबर भी दी है। बैंक ने चौथी तिमाही में कुल ₹1,635.81 करोड़ के फ्रॉड के 12 मामले दर्ज किए हैं। इस बड़े फ्रॉड की रिपोर्ट ने निवेशकों के बीच ऑपरेशनल रिस्क को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

डिविडेंड और ऑडिट रिपोर्ट
इन नतीजों के बीच, बैंक के बोर्ड ने FY25-26 के लिए ₹0.39 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों के लिए राहत की खबर है। वहीं, ऑडिटर ने बैंक के सालाना वित्तीय बयानों पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) दिया है, जिसका मतलब है कि खाते साफ हैं।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?
PSB के ये नतीजे एक मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। सालाना प्रॉफिट में दमदार ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार बैंक की परिचालन दक्षता को दर्शाता है। लेकिन, Q4 में रेवेन्यू में गिरावट और इतने बड़े पैमाने पर फ्रॉड का सामने आना, बैंक के इंटरनल कंट्रोल्स और रिस्क मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पुराने फ्रॉड के मामले और रिकवरी
यह पहला मौका नहीं है जब PSB में फ्रॉड का मामला सामने आया है। इससे पहले भी, जैसे कि FY25 में ₹112.42 करोड़ का फ्रॉड और 2020 में सामने आया ₹1,084 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस, यह दिखाते हैं कि बैंक में ऑपरेशनल रिस्क मौजूद हैं।

पीयर कंपनियों से तुलना
पब्लिक सेक्टर बैंकों के बीच PSB का सालाना 30.13% का प्रॉफिट ग्रोथ बेहतर है। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) जैसे बड़े बैंकों की Q4 FY25 में 3.96% की मामूली प्रॉफिट ग्रोथ देखी गई थी। PSB का GNPA 2.40% सुधरकर प्रतिस्पर्धी स्थिति में है, लेकिन Q4 में रिपोर्ट किया गया फ्रॉड इसे अपने साथियों से अलग एक बड़े ऑपरेशनल रिस्क अलर्ट पर रखता है।

आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब बैंक के ऑडिटेड फाइनेंशियल, मैनेजमेंट द्वारा फ्रॉड पर दी जाने वाली स्पष्टीकरण और उठाए जाने वाले कदमों, रेगुलेटरी बॉडीज (जैसे RBI) के संभावित एक्शन्स, एसेट क्वालिटी के निरंतर सुधार और Q4 रेवेन्यू में गिरावट के पीछे के कारणों पर बारीकी से नजर रखनी होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.