PFC के FY26 के नतीजे
Power Finance Corporation Limited (PFC) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी ने FY26 में ₹33,625.34 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Consolidated Profit After Tax) दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹30,514.40 करोड़ की तुलना में अधिक है।
FY26 के लिए कुल कंसॉलिडेटेड इनकम (Consolidated Income) बढ़कर ₹115,526.92 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹106,598.70 करोड़ थी। आय में इस बढ़ोतरी ने साल के लिए कंपनी की लाभप्रदता को बढ़ाया है।
डिविडेंड का ऐलान
PFC के बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए ₹10 के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर (Equity Share) पर ₹3.95 का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) रिकमेंड किया है। यह प्रस्तावित भुगतान, फाइनेंशियल ईयर के दौरान पहले ही दिए जा चुके ₹14.60 प्रति इक्विटी शेयर के इंटरिम डिविडेंड (Interim Dividend) के अतिरिक्त है।
इलेक्ट्रॉनिक डिविडेंड भुगतान की ओर शिफ्ट
एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल अपडेट में, PFC अब फिजिकल डिविडेंड इंस्ट्रूमेंट के भुगतान बंद कर देगी। भविष्य में सभी डिविडेंड भुगतान केवल इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से ही प्रोसेस किए जाएंगे। इस बदलाव का मकसद शेयरधारकों के खातों में सीधे और निर्बाध क्रेडिट सुनिश्चित करना है।
नतीजों का महत्व और आगे की राह
PFC का यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस उसकी ऑपरेशनल क्षमताओं और भारत के महत्वपूर्ण पावर सेक्टर के फाइनेंसिंग में उसकी केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है। कंपनी का लगातार डिविडेंड भुगतान शेयरधारकों को रिटर्न देने की उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
इलेक्ट्रॉनिक डिविडेंड भुगतान में संक्रमण से एफिशिएंसी और सिक्योरिटी में सुधार होगा। हालांकि, शेयरधारकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्बाध डिविडेंड क्रेडिट के लिए कंपनी के पास अपने बैंकिंग डिटेल्स अपडेट कराएं।
ऑडिटर्स ने PFC के स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर क्लीन ऑडिट रिपोर्ट दी है, जिसमें कोई मॉडिफाइड ओपिनियन नहीं है। कंपनी ने अपने किसी भी लोन या डेट सिक्योरिटीज पर कोई डिफॉल्ट नहीं किया है, जो इसके मजबूत फाइनेंशियल मैनेजमेंट को दिखाता है।
PFC के करीबी प्रतिद्वंद्वी REC लिमिटेड ने भी मजबूत FY26 फाइनेंशियल रिजल्ट्स रिपोर्ट किए हैं और डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है। दोनों सरकारी कंपनियां भारत के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
