FY26 नतीजे आए सामने:
Poonawalla Fincorp Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। इस अवधि में कंपनी ने ₹541.81 करोड़ का शानदार कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) कमाया है। नतीजों के मुताबिक, कंपनी का नेट वर्थ बढ़कर ₹10,348.24 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि कुल संपत्ति ₹60,271.56 करोड़ रही। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इन नतीजों को अपनी मंजूरी दे दी है।
ग्रोथ के लिए डिविडेंड पर रोक:
कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है। यह एक सोची-समझी रणनीति है जिसके तहत भविष्य में बिजनेस एक्सपेंशन और ग्रोथ इनिशिएटिव्स को फंड करने के लिए कैपिटल को बचाया जा रहा है।
नए ऑडिटर की नियुक्ति और AGM की तारीख:
B. K. Khare & Co. को अगले तीन साल के लिए ज्वाइंट स्टैच्यूटरी ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति Kirtane & Pandit LLP के बाद की गई है। कंपनी की 46वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 जुलाई 2026 को निर्धारित है।
रणनीतिक दिशा और मार्केट में पोजीशन:
यह मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और नेट वर्थ में बढ़ोतरी कंपनी के दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस और भविष्य में लेंडिंग क्षमता को दर्शाती है। यह री-इन्वेस्टमेंट की रणनीति कंपनी के बड़े बदलाव का हिस्सा है, जो पहले Magma Fincorp के नाम से जानी जाती थी। अब कंपनी पर्सनल लोन और MSME फाइनेंसिंग जैसे रिटेल लेंडिंग सेगमेंट्स पर फोकस कर रही है, जिसका लक्ष्य हायर यील्ड्स और डाइवर्सिफिकेशन है। Indian NBFC सेक्टर में Bajaj Finance और Cholamandalam Investment जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच Poonawalla Fincorp अपने फाइनेंशियल मेट्रिक्स के साथ एक मजबूत पोजीशन बनाए हुए है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए:
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी होंगी कि कंपनी बचाए गए मुनाफे का इस्तेमाल प्रॉफिटेबल ग्रोथ के लिए कैसे करती है। AGM में मैनेजमेंट से ग्रोथ प्लान्स, लोन बुक के विस्तार, एसेट क्वालिटी और भविष्य में डिविडेंड पॉलिसी पर दी जाने वाली जानकारी पर सबकी निगाहें रहेंगी। नए ऑडिटर की नियुक्ति से कंपनी के फाइनेंशियल ओवरसाइट और ट्रांसपेरेंसी में और मजबूती आएगी।
