Poonawalla Fincorp Ltd ने Financial Year 2025-26 (जो 31 मार्च 2026 को खत्म हुआ) के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) ने ₹541.81 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। यह मुनाफा ₹6,795.65 करोड़ की कुल आय से कमाया गया है।
कैपिटल बचाने की रणनीति: डिविडेंड नहीं!
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY2025-26 के लिए किसी भी डिविडेंड (Dividend) की घोषणा न करने का रणनीतिक फैसला लिया है। इस कदम से कंपनी अपनी कमाई को बचाकर रख सकेगी, जिसका उपयोग भविष्य में ग्रोथ पहलों को फंड करने या अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। यह Poonawalla Fincorp के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसने पहले FY22 और FY23 में डिविडेंड बांटा था।
ज्वाइंट वेंचर से बाहर निकलना और नए ऑडिटर
Poonawalla Fincorp ने अपने ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture), Jaguar Advisory Services Private Limited (JASPL) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के इरादे की भी पुष्टि की है। यह कदम कंपनी की मुख्य लेंडिंग ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति के अनुरूप है। इसके अलावा, Kirtane & Pandit LLP का कार्यकाल पूरा होने के बाद, B. K. Khare & Co. को नए ज्वाइंट स्टैट्यूटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया गया है।
कंपनी का बदलाव और फोकस
पहले Magma Fincorp के नाम से जानी जाने वाली इस कंपनी में 2021 की शुरुआत में Poonawalla Group द्वारा कंट्रोलिंग स्टेक हासिल करने के बाद से बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में, यह कंज्यूमर और SME फाइनेंस पर विशेष ध्यान देने के साथ, रिटेल लेंडिंग (Retail Lending) की एक मजबूत रणनीति की ओर बढ़ रही है।
मुकाबला
भारतीय लेंडिंग सेक्टर में, Poonawalla Fincorp Bajaj Finance, Cholamandalam Investment and Finance Company, और Shriram Finance जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ये सभी कंपनियां रिटेल और SME फाइनेंसिंग के बाजार में हिस्सेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं।
