मुनाफे में रॉकेट ग्रोथ की वजह?
कंपनी के मैनेजमेंट ने अपनी 'ग्रोथ बिज़नेस' पर फोकस को इस शानदार नतीजों का मुख्य कारण बताया है। यह बिज़नेस अब कंपनी के कुल AUM का 95% हिस्सा हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 87% था। इस रणनीतिक बदलाव से Piramal Finance का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ज़बरदस्त 940% बढ़कर ₹401 करोड़ हो गया है।
AUM में भी ज़बरदस्त उछाल
कुल AUM में 23% की सालाना ग्रोथ देखी गई है, जो ₹96,690 करोड़ तक पहुंच गया है। पिछले क्वार्टर की तुलना में इसमें 6% की बढ़ोतरी हुई है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने रिस्क को कम करने और ग्रोथ की ओर बढ़ने की रणनीति में कामयाब हो रही है।
रिस्क कम, प्रॉफिट ज़्यादा: नई रणनीति
Piramal Finance अपनी बैलेंस शीट को डी-रिस्क (De-risk) करने पर लगातार काम कर रही है। कंपनी अपने पुराने, यानी लेगेसी (Legacy) एसेट्स और लोन बुक को धीरे-धीरे कम कर रही है। इसकी जगह, रिटेल-सेंट्रिक मॉडल, खासकर हाउसिंग लोन और SME फाइनेंसिंग पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जो ज़्यादा स्थिर माने जाते हैं। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2028 तक AUM को ₹1.5 लाख करोड़ तक ले जाना है।
भविष्य की राह और ग्रोथ
कंपनी AI-नेटिव फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बनने की राह पर है, जिसके लिए टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश किया जा रहा है। भविष्य में एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को बनाए रखते हुए ग्रोथ हासिल करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बाज़ार में कैसी है Piramal Finance?
बाज़ार में Piramal Finance अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे Bajaj Finance और Shriram Finance से अलग रणनीति पर काम कर रही है। जहां Bajaj Finance लगातार ग्रोथ और प्रीमियम वैल्यूएशन के लिए जानी जाती है, वहीं Shriram Finance खास रिटेल और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट पर फोकस करती है। Piramal Finance का डी-रिस्किंग और प्रॉफिट में यह तेज़ उछाल उसके ट्रांसफॉर्मेशन को दिखाता है।
