इमेजिंग बिज़नेस की बिक्री ने बदली तस्वीर
Piramal Finance के नतीजों में सबसे बड़ा आकर्षण उसके इमेजिंग बिज़नेस की बिक्री से हुआ ₹1,326.36 करोड़ का एकमुश्त लाभ (exceptional gain) रहा। इसी वजह से कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY25 के ₹485.45 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,506.14 करोड़ पर पहुंच गया।
हालांकि, इस प्रॉफिट फिगर में कुछ बड़े खर्चों का भी ज़िक्र है। कंपनी ने ज़मीन विकास (land development) पर ₹590 करोड़ का इम्पेयरमेंट चार्ज (impairment charge) दर्ज किया है, साथ ही हालिया एमाल्गमेशन (amalgamation) से जुड़े ₹59 करोड़ के खर्चे भी शामिल हैं।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन में भी दम
अलग (standalone) तौर पर देखें तो Piramal Finance ने चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) में भी मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 56.51% बढ़कर ₹4,783.28 करोड़ दर्ज किया गया।
आगे क्या? डिविडेंड और फोकस
सितंबर 2023 में Piramal Enterprises Ltd. से डी-मर्ज (demerged) होने के बाद, Piramal Finance एक सिस्टमैटिकली इम्पोर्टेन्ट NBFC और HFC के तौर पर काम कर रही है। बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹11 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (final dividend) भी सुझाया है। अब कंपनी इमेजिंग बिज़नेस की बिक्री पूरी होने के बाद अपने मुख्य लेंडिंग ऑपरेशंस को मजबूत करने पर फोकस करेगी।
निवेशकों के लिए खास बातें
निवेशकों को अब एकमुश्त लाभ को छोड़कर, कंपनी के मुख्य लेंडिंग सेगमेंट के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। ₹590 करोड़ का इम्पेयरमेंट चार्ज ज़मीन की वैल्यूएशन या प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता पर सवाल उठाता है, वहीं एमाल्गमेशन खर्चे इंटीग्रेशन की जटिलताओं का संकेत देते हैं।
FY26 की चौथी तिमाही में Piramal Finance का 56.51% का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ग्रोथ, मौजूदा NBFC सेक्टर में काबिले-तारीफ है, जहां Bajaj Finance और Cholamandalam Investment and Finance जैसी कंपनियां अधिक संयमित विस्तार पर ज़ोर दे रही हैं।
आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि एकमुश्त आय को छोड़कर कंपनी का असल बिज़नेस कैसा प्रदर्शन कर रहा है। निवेशक उन इम्पेयर्ड ज़मीन एसेट्स (impaired land assets) पर भी अपडेट का इंतजार करेंगे, और साथ ही यह देखेंगे कि डी-मर्जर के बाद की स्ट्रेटेजी कितना लाभदायक ग्रोथ लाती है।
