नियामक संस्था SEBI के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, Punjab National Bank (PNB) ने अपने उन कर्मचारियों और अंदरूनी लोगों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद करने का फैसला किया है, जिन्हें कंपनी की गैर-सार्वजनिक जानकारी तक पहुंच है।
यह ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी और बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) और पूरे साल के वित्तीय नतीजों की घोषणा होने के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह की इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना है। बैंक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जब तक वित्तीय नतीजे सार्वजनिक न हो जाएं, तब तक किसी भी व्यक्ति को अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर शेयर की खरीद-बिक्री करने का मौका न मिले।
यह कदम भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड कंपनियों के लिए एक आम प्रक्रिया है। खासकर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए, नतीजों के आसपास ट्रेडिंग विंडो बंद करना पारदर्शिता बनाए रखने और बाजार की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
इस अवधि के दौरान, PNB के तयशुदा अधिकारी और उनके करीबी रिश्तेदार बैंक के शेयरों या अन्य प्रतिभूतियों (securities) को खरीदने या बेचने पर रोक के दायरे में रहेंगे।
बाजार के जानकारों का कहना है कि SBI Cards और Bank of Baroda जैसे कई अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी इसी तरह की प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
निवेशकों की नजर अब उस तारीख पर होगी जब बैंक बोर्ड की बैठक में Q4 FY26 और पूरे साल के नतीजों को मंजूरी देगा। नतीजों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह पता चलेगा कि ट्रेडिंग विंडो कब खुलेगी, जिसके बाद निवेशक PNB के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करेंगे।
