PMC Fincorp के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में हुई एक बैठक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पुनीत अरोड़ा के नेतृत्वकारी पद में बदलाव को हरी झंडी दे दी है। वे 1 अप्रैल, 2026 से नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका संभालेंगे। हालांकि, इस बदलाव को अंतिम रूप देने से पहले कंपनी को अपने शेयरधारकों से मंजूरी लेनी होगी।
इस महत्वपूर्ण फेरबदल के लिए शेयरधारकों की सहमति 'पोस्टल बैलेट' प्रक्रिया के ज़रिए ली जाएगी। कंपनी ने इस वोट के लिए M/s A. K. Choudhary & Associates को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया है, जबकि NSDL ई-वोटिंग की प्रक्रिया को संभालेगा।
पुनीत अरोड़ा 17 फरवरी, 2026 को ही PMC Fincorp से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर जुड़े थे और उनका कार्यकाल 16 फरवरी, 2031 तक के लिए था। नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर उनकी नई भूमिका उन्हें कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन से हटकर, कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति (strategy) पर अपना ध्यान केंद्रित करने की सुविधा देगी।
यह बदलाव अरोड़ा को उनके अनुभव का इस्तेमाल कंपनी की व्यापक रणनीतिक दिशा के लिए करने का मौका देगा, बिना दैनिक परिचालन (operations) में सीधे शामिल हुए। PMC Fincorp के लिए, यह उसके बोर्ड की गवर्नेंस संरचना (governance structure) को और बेहतर बनाने का संकेत है।
इस प्रस्तावित बदलाव से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम शेयरधारकों की ओर से मिलने वाली मंजूरी का परिणाम है। यदि शेयरधारक इस बदलाव को मंज़ूरी नहीं देते हैं, तो पद का यह बदलाव लागू नहीं हो पाएगा, जिसके चलते बोर्ड को अन्य समायोजन करने पड़ सकते हैं।
यह कदम प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) जैसे Bajaj Finance, Muthoot Finance, और Cholamandalam Investment के मॉडल जैसा है, जो एग्जीक्यूटिव और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स का एक मिश्रण अपनाते हैं। यह संरचना ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन को स्वतंत्र रणनीतिक सलाह के साथ संतुलित करने का लक्ष्य रखती है।
निवेशक अब पोस्टल बैलेट के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे। PMC Fincorp की ओर से बोर्ड की संरचना और समग्र रणनीतिक दिशा के संबंध में आगे की घोषणाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
