गवर्नेंस पर PFC का फोकस: इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ने छोड़ा पद
Power Finance Corporation (PFC) के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, Bhaskar Bhattacharya, ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने के अपने इरादे के चलते कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसी भी संभावित हितों के टकराव (conflict of interest) से बचना है, जो उनके राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण उत्पन्न हो सकता था।
चुनाव का समय और बोर्ड में अन्य बदलाव
यह महत्वपूर्ण फेरबदल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर हो रहा है, जो अप्रैल 2026 में होने हैं। भट्टाचार्य के इस्तीफे के साथ ही, PFC के बोर्ड में अन्य डायरेक्टर्स की भी सेवानिवृत्ति हुई है। 1 अप्रैल, 2026 को डायरेक्टर (कमर्शियल) Manoj Sharma और डायरेक्टर (फाइनेंस) Sandeep Kumar ने भी सुपरएनुएशन (सेवानिवृत्ति) के कारण अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
PFC के हालिया नतीजे और कंपनी की भूमिका
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब PFC ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2026 के तीसरे क्वार्टर (Q3) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹8,212 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ₹29,140.57 करोड़ की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम दर्ज की है। बता दें कि PFC एक 'महारत्न' CPSE कंपनी है और भारतीय पावर सेक्टर के फाइनेंसिंग में इसका अहम रोल है। फिलहाल, कंपनी REC Ltd के साथ मिलकर एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग पर भी काम कर रही है, जिसका लक्ष्य सेक्टर में स्केल और कंसॉलिडेशन को बढ़ाना है।
बाजार की नज़रें अब आगे क्या?
भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद PFC के बोर्ड में एक नई नियुक्ति की जानी है। ऐसे घटनाक्रम कंपनी के मजबूत गवर्नेंस को बनाए रखने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। बाजार प्रतिभागी अब बारीकी से इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी कैसे एक योग्य इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति करती है। साथ ही, निवेशकों की नज़रें आगामी चुनावों के नतीजों और PFC-REC रीस्ट्रक्चरिंग की प्रगति पर भी टिकी रहेंगी।
