Nuvama Wealth Management के कंसोलिडेटेड नतीजों की बात करें तो कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹1,040.26 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹985.06 करोड़ के मुकाबले 5.60% की बढ़त दिखाता है।
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी अच्छी वृद्धि हुई है, जो FY26 में ₹4,630.69 करोड़ पर पहुँच गया है। FY25 की तुलना में यह 11.35% ज्यादा है, जो कंपनी के विभिन्न सेगमेंट में बढ़ते कारोबार को दर्शाता है।
निवेशकों को खुश करते हुए Nuvama Wealth Management ने ₹14 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 15 मई 2026 तय की गई है।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों पर कानूनी संकट?
हालांकि, जब बात कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों की आती है, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 12.6% गिरकर ₹1,185.95 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹1,357.24 करोड़ था। इसी तरह, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी 5.1% घटकर ₹567.23 करोड़ पर आ गया, जबकि FY25 में यह ₹597.71 करोड़ था।
इस अंतर का मुख्य कारण एक सब्सिडियरी, National Collateral Solutions Limited (NCSL) से जुड़ा एक बड़ा कानूनी मामला है। ऑडिटर की एक खास नोट में NCSL की सुप्रीम कोर्ट में चल रही अपील का ज़िक्र है, जो कर्ज़ की देनदारियों के लिए कोलेटरल लिक्विडेशन (collateral liquidation) से संबंधित है। NCSL, Anugrah ट्रेडिंग क्लाइंट्स के साथ कोलेटरल लिक्विडेशन और मार्जिन शॉर्टफॉल से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामलों में भी फंसी हुई है।
Nuvama मैनेजमेंट का मानना है कि इन कानूनी मामलों में किसी एडजस्टमेंट की ज़रूरत नहीं है। फिर भी, इन बड़े कानूनी पचड़ों के नतीजों पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
Nuvama Wealth Management को Edelweiss Financial Services से डीमर्ज (demerged) किया गया था और 2024 में एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर लिस्ट किया गया था। कंपनी अपने वेल्थ मैनेजमेंट, एसेट मैनेजमेंट और कैपिटल मार्केट्स बिज़नेस में ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य रखती है। HDFC AMC और UTI AMC जैसे पियर्स (peers) की तुलना में, जिनके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) से सीधे जुड़े ग्रोथ दिखते हैं, Nuvama के स्टैंडअलोन नतीजों पर इन कानूनी चुनौतियों का असर ज़्यादा है। वहीं, IIFL Wealth Management जैसी सीधी कंपीटिटर भी हाई-नेट-वर्थ क्लाइंट्स पर फोकस करती है।
निवेशक अब NCSL की कानूनी अपीलों के समाधान की प्रगति, Nuvama के स्टैंडअलोन फाइनेंशियल परफॉरमेंस के ट्रैक पर नज़र रखेंगे, साथ ही कंसोलिडेटेड ग्रोथ हासिल करते हुए इन कानूनी चुनौतियों को मैनेज करने की कंपनी की स्ट्रेटेजी पर भी बारीकी से नज़र रखेंगे। भविष्य में डिविडेंड की घोषणाएं और कैपिटल एलोकेशन प्लान्स भी अहम रहेंगे।
