बोर्ड ने दी नतीजों और फंड जुटाने की मंजूरी
Northern Arc Capital Ltd. के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 08 मई, 2026 को हुई बैठक में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष (FY26) के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दे दी है।
कंपनी ने FY26 के लिए ₹406 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा Profit After Tax (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 33% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में PAT में तो 251% का उछाल आया और यह ₹133 करोड़ पर पहुंच गया।
FY26 के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) ₹1,377 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 20% अधिक है। वहीं Q4 FY26 में यह ₹387 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें 21% की बढ़ोतरी देखी गई।
विस्तार के लिए ₹5,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी
इसके अलावा, बोर्ड ने कंपनी के विस्तार की योजनाओं को पंख देने के लिए ₹5,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर जारी करने की मंजूरी दे दी है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की लेंडिंग एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹16,594 करोड़ हो गई है।
ये ऑडिटेड नतीजे कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाते हैं। NCD इश्यू की योजना कैपिटल मैनेजमेंट और भविष्य की ग्रोथ के लिए फंड जुटाने के प्रति कंपनी के सक्रिय रुख को बताती है। पिछली तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी ने ₹95 करोड़ का PAT दर्ज किया था।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि, मैनेजमेंट ने कुछ जोखिमों को लेकर भी आगाह किया है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का अनसिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग पर असर पड़ सकता है, जिसके लिए अतिरिक्त ₹6,631 लाख का एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) प्रोविजन रखना पड़ सकता है। ऑडिटर की रिपोर्ट में डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) बेनिफिट के ट्रीटमेंट में बदलाव के कारण FY25 के ECL की तुलनात्मक जानकारी के पूरी तरह सटीक न होने का भी जिक्र है। ₹5,000 करोड़ के NCD इश्यू और फंड्स के उपयोग में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) भी एक अहम पहलू है।
compañeros Poonawalla Fincorp Ltd. और Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd. जैसे NBFCs भी सेक्टर में मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं, जो Northern Arc Capital को भी फायदा पहुंचा रहा है।
आगे चलकर, निवेशक ₹5,000 करोड़ के NCD इश्यू के लिए शेयरहोल्डर अप्रूवल, इश्यू की टाइमिंग और फंड्स के प्रभावी उपयोग पर नजर रखेंगे। जियोपॉलिटिकल रिस्क और ECL प्रोविजन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री भी FY27 के प्रदर्शन का अहम संकेतक होगी।
