मुनाफे में आई मामूली गिरावट, रेवेन्यू में जोरदार तेजी
Naperol Investments के नतीजों के मुताबिक, कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। FY26 में PBT ₹11.11 करोड़ रहा, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹11.72 करोड़ था। यह लगभग 5.2% की गिरावट है।
दूसरी ओर, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में जोरदार तेजी देखने को मिली है। FY26 में यह बढ़कर ₹26.72 करोड़ (या ₹2,672.37 लाख) हो गया, जबकि FY25 में यह ₹19.57 करोड़ (या ₹1,957.15 लाख) था। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 36.5% की वृद्धि दर्शाता है।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का तोहफा
कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹16.48 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। बता दें कि पिछले कुछ सालों में कंपनी ने लगातार डिविडेंड दिया है; FY23 में ₹10 और FY22 में ₹7.5 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था।
प्रबंधन में हुए अहम बदलाव
प्रबंधन में भी कुछ अहम बदलाव हुए हैं। सुश्री जूई मसूरकर (Ms. Jui Masurkar) को कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर (Company Secretary & Compliance Officer) के पद पर नियुक्त किया गया है, जिसका असर 30 अप्रैल 2026 से होगा। वहीं, श्री चिराग कोठारी (Mr. Chirag Kothari) ने मैनेजर के पद से इस्तीफा दे दिया है, उनका कार्यकाल 31 मई 2026 को समाप्त होगा।
निवेशकों का क्या है नज़रिया?
निवेशकों के लिए, ₹16.48 प्रति शेयर का प्रस्तावित डिविडेंड एक अच्छी खबर है, जो शेयरधारकों को सीधा रिटर्न देगा। हालांकि, PBT में आई मामूली गिरावट संकेत देती है कि शायद परिचालन लागत बढ़ी हो या प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव रहा हो। Naperol Investments फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करती है, जहां Edelweiss Financial Services Ltd, 360 ONE Wealth Ltd और Anand Rathi Wealth Ltd जैसी कंपनियां भी प्रमुख हैं।
अब निवेशकों की नजर शेयरधारकों द्वारा डिविडेंड प्रस्ताव की मंजूरी पर रहेगी, साथ ही नए प्रबंधन के कामकाज और भविष्य में कंपनी के प्रदर्शन पर भी नजर रखी जाएगी।
