NSDL ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी मजबूत दिख रहे हैं। कंपनी ने कंसॉलिडेटेड बेसिस पर 23.62% की ज़बरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जिससे कुल आय बढ़कर ₹486.80 करोड़ हो गई। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹90.32 करोड़ रहा।
पूरे फाइनेंशियल ईयर के स्टैंडअलोन नतीजों को देखें तो प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 14.18% का इजाफा हुआ है। कंसॉलिडेटेड बेसिस पर भी पूरे साल का रेवेन्यू 8.14% बढ़कर ₹1,660.16 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹380.01 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को खुश करते हुए, NSDL के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹4 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। कंपनी की कंसॉलिडेटेड कुल पूंजी ₹2,005.34 करोड़ से बढ़कर ₹2,379.56 करोड़ हो गई है, जो इसकी वित्तीय नींव को और मजबूत करती है। ऑडिटर्स ने भी फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर अपनी अनमॉडिफाइड राय दी है।
हालांकि, इन शानदार नतीजों के बीच एक बड़ा सवाल बना हुआ है – Karvy Stock Broking Ltd (KSBL) से जुड़ा कानूनी विवाद। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इसमें लगभग ₹1,435.05 करोड़ का मामला फंसा हुआ है। NSDL, SEBI के एक ऑर्डर के खिलाफ इन शेयर्स को रिलीज़ करने पर आपत्ति जता रहा है। इस विवाद का नतीजा अभी अनिश्चित है और NSDL ने इसके लिए कोई प्रोविजन (provision) नहीं किया है।
भारत में NSDL के मुख्य प्रतिस्पर्धी Central Depository Services (India) Limited (CDSL) की बात करें तो, FY26 में CDSL का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹642.61 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹317.08 करोड़ रहा था।
आगे चलकर, निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट के Karvy विवाद पर फैसले, NSDL की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ, और संभावित रेगुलेटरी बदलावों पर नज़र रखनी होगी।
