NDL Ventures ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹0.91 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹0.59 करोड़ की तुलना में एक बड़ी छलांग है।
हालांकि, प्रॉफिट में भारी उछाल के बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू में थोड़ी कमी देखी गई है। FY26 में रेवेन्यू ₹4.89 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹4.94 करोड़ से मामूली तौर पर कम है। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹0.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। ऑडिटर्स की रिपोर्ट में भी कोई बड़ी चिंता नहीं जताई गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
मर्जर पर क्या है अपडेट?
NDL Ventures के शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ी खबर इसके हिंदूजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड (HLFL) के साथ चल रहे मर्जर को लेकर है। इस मर्जर से कंपनी के भविष्य की दिशा तय होगी। मर्जर की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण मंजूरी मिल चुकी हैं, जिनमें अगस्त 2025 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और नवंबर 2025 में NDL Ventures बोर्ड की मंजूरी शामिल है। इसके अलावा, कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने भी फरवरी 2026 में इसे हरी झंडी दे दी है।
NDL Ventures का भविष्य
NDL Ventures, जो हिंदूजा ग्रुप का हिस्सा है, फिलहाल रियल एस्टेट और ट्रेजरी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मीडिया और कम्युनिकेशन बिजनेस को हिंदूजा ग्लोबल सॉल्यूशंस लिमिटेड में डीमर्ज करने के बाद, यह कंपनी HLFL के साथ एक बड़े मर्जर की तैयारी में है। इस मर्जर के पूरा होने पर, NDL Ventures एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में उभरेगी, जिसमें HLFL के व्हीकल और प्रॉपर्टी फाइनेंसिंग ऑपरेशन्स शामिल होंगे।
आगे क्या देखना होगा?
शेयरधारकों को ₹0.50 प्रति शेयर के डिविडेंड का इंतजार रहेगा, जिसके लिए मंजूरी मिलना बाकी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मर्जर को अंतिम मंजूरी मिलने में कुछ वैधानिक, रेगुलेटरी और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की स्वीकृतियां अभी आनी बाकी हैं। इसके अलावा, FY26 में रेवेन्यू में आई मामूली गिरावट पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
इंडस्ट्री में NDL Ventures का मुकाबला बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और बजाज फिनसर्व जैसी स्थापित NBFCs से होगा।
