Muthoot Microfin का FY26 प्रदर्शन: AUM ₹14,000 करोड़ पार, एसेट क्वालिटी में ज़बरदस्त सुधार
Muthoot Microfin ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 13% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। AUM बढ़कर ₹14,006 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी में भी खास सुधार दिखाया है, जहां ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) पिछले साल के 4.84% से घटकर 3.89% पर आ गए हैं।
फंडिंग और लागत में कमी
वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान, Muthoot Microfin ने ₹9,537 करोड़ का फंड जुटाया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में जुटाए गए ₹7,375 करोड़ से काफी ज़्यादा है। इससे कंपनी की फंड जुटाने की क्षमता और निवेशक विश्वास का पता चलता है। क्रेडिट कॉस्ट में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो 9.4% से घटकर 3.5% रह गई है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कलेक्शन एफिशिएंसी 96.43% दर्ज की गई, जो प्रभावी रिकवरी सिस्टम का संकेत है।
कंपनी की रणनीति और भविष्य
Muthoot Microfin, एक लीडिंग एनबीएफसी-एमएफआई (NBFC-MFI) के तौर पर, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को माइक्रो-लोन देती है। कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है और ग्रुप लेंडिंग मॉडल के अलावा इंडिविजुअल लोंस, माइक्रो-लैप और गोल्ड लोंस जैसे नए प्रोडक्ट्स भी पेश कर रही है। कंपनी ने पिछली बार FY24 में 32% की ग्रोथ के साथ ₹12,194 करोड़ का AUM रिपोर्ट किया था।
पीयर कंपेरिजन
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर की अन्य कंपनियां भी लगातार आगे बढ़ रही हैं। CreditAccess Grameen ने FY26 में अपना ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो 14% बढ़ाकर ₹29,590 करोड़ किया, जबकि Fusion Finance ने Q3 FY26 में ₹14 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया। Bharat Financial Inclusion ने FY26 के लिए ₹70.22 का EPS रिपोर्ट किया।
ध्यान देने योग्य बातें
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये नतीजे प्रोविजनल (provisional) और अनऑडिटेड (unaudited) हैं, जिन्हें अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर नए प्रोडक्ट लाइन्स की सफलता, डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी और रेगुलेटरी बदलावों का असर देखने को मिलेगा।
