मार्च तिमाही के नतीजे भी मिले-जुले
कंपनी के पूरे फाइनेंशियल ईयर के आंकड़ों पर नजर डालें तो, 31 मार्च 2025 को समाप्त हुई तिमाही में स्टैंडअलोन कुल आय 20.15% बढ़कर ₹168.67 करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि, इसी दौरान तिमाही मुनाफा 16.45% गिरकर ₹5.37 करोड़ दर्ज किया गया।
मुनाफे में भारी गिरावट की वजह क्या?
जहां कंपनी की कुल आय ₹632.52 करोड़ तक पहुंच गई, वहीं मुनाफे में यह भारी गिरावट निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का सबब है। यह दर्शाता है कि कंपनी की ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Cost) या फंड की लागत, आय से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है, जिसने बॉटम लाइन (Bottom Line) को बुरी तरह प्रभावित किया है।
एसेट क्वालिटी (Asset Quality) पर भी बढ़ा दबाव
कंपनी की वित्तीय सेहत को एक और बड़ा झटका लगा है। एसेट क्वालिटी में साफ तौर पर गिरावट देखी गई है। कुल लोन पर ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) बढ़कर 6.96% हो गए हैं, जो पिछले साल 4.88% थे। वहीं, नेट एनपीए (Net NPAs) भी 2.31% से बढ़कर 4.12% पर पहुंच गए हैं।
धोखाधड़ी और राइट-ऑफ (Write-offs) ने बढ़ाई मुश्किलें
इसके अलावा, कंपनी में 8 धोखाधड़ी की घटनाओं का सामने आना और ₹1,235 लाख के बड़े राइट-ऑफ (Write-offs) भी कंपनी के आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) और क्रेडिट मॉनिटरिंग सिस्टम में कमजोरियों की ओर इशारा कर रहे हैं।
NBFC सेक्टर और कंपनी का कारोबार
Muthoot Capital Services, Muthoot Pappachan Group का हिस्सा है और एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर व्हीकल फाइनेंस और गोल्ड लोन के कारोबार में सक्रिय है। NBFC सेक्टर पहले से ही एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव का सामना कर रहा है।
शेयरधारकों पर असर
इन नतीजों का सीधा असर शेयरधारकों की कमाई पर पड़ेगा, क्योंकि सालाना मुनाफे में आई भारी गिरावट से डिविडेंड (Dividend) या प्रॉफिट शेयर कम हो सकता है। खराब एसेट क्वालिटी और धोखाधड़ी की घटनाओं के कारण कंपनी का रिस्क प्रोफाइल बढ़ा है, जिससे भविष्य में प्रोविजनिंग (Provisioning) बढ़ सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब मैनेजमेंट की ओर से इस प्रॉफिट गिरावट और NPA ग्रोथ को संभालने की रणनीति पर कमेंट्री का इंतजार रहेगा। साथ ही, यह देखना अहम होगा कि अगले तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे इन चिंताओं को दूर कर पाते हैं या नहीं। कंपनी द्वारा आंतरिक नियंत्रणों को मजबूत करने और धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी नजर रहेगी।
