क्यों गिरी कंपनी की कमाई?
Muthoot Capital Services ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो बाजार को चौंकाने वाले हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹45.75 करोड़ से घटकर इस बार सिर्फ ₹11.17 करोड़ रह गया। यह 75.58% की भारी गिरावट है।
हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी वृद्धि देखी गई, जो 32.74% बढ़कर ₹632.52 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह ₹476.49 करोड़ था। लेकिन, लाभ में यह भारी गिरावट मुख्य रूप से फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स पर इंपेयरमेंट चार्जेस (Impairment Charges) में बड़ी बढ़ोतरी के कारण आई है। ये चार्जेस ₹19.38 करोड़ से बढ़कर ₹75.57 करोड़ हो गए।
एसेट क्वालिटी बिगड़ी, फ्रॉड की घटनाएं भी
कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) भी बिगड़ती दिखी है। 31 मार्च 2026 तक ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) रेशियो 4.88% से बढ़कर 6.96% हो गया है। सिर्फ चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने ₹12.35 करोड़ के राइट-ऑफ (Write-offs) किए।
इस दौरान, कंपनी ने 8 धोखाधड़ी की घटनाओं की भी रिपोर्ट दी है, जिनमें गबन और जालसाजी शामिल हैं। इन घटनाओं से कुल ₹43.15 लाख का नुकसान हुआ है। कंपनी के उधार (Borrowings) और डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
Q4 FY26 के नतीजे
चौथी तिमाही, 31 मार्च 2026 को समाप्त, में कंपनी का स्टैंडअलोन टोटल रेवेन्यू ₹168.67 करोड़ (₹16,866.99 लाख) रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 20.15% अधिक है। तिमाही के लिए स्टैंडअलोन प्रॉफिट ₹5.37 करोड़ (₹536.54 लाख) रहा।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब
मुनाफे में 75% से ज्यादा की यह भारी गिरावट, रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, रिस्क मैनेजमेंट और क्रेडिट अंडरराइटिंग में गंभीर समस्याओं की ओर इशारा करती है। बढ़ते क्रेडिट लॉस को संभालने की कंपनी की क्षमता पर भी सवाल खड़े होते हैं। रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी और एसेट क्वालिटी में गिरावट, कंपनी के इंटरनल कंट्रोल (Internal Control) और गवर्नेंस (Governance) में कमजोरियां दिखाती है।
साथियों से तुलना
Muthoot Capital का 6.96% का ग्रॉस एनपीए रेशियो अपने इंडस्ट्री के साथियों के मुकाबले काफी ज्यादा है। Bajaj Finance और Cholamandalam Investment जैसे बड़े प्लेयर आमतौर पर 2% से नीचे एनपीए बनाए रखते हैं, जबकि Shriram Finance का एनपीए 4.5-5.5% के दायरे में रहता है। यह तुलना Muthoot Capital की एसेट क्वालिटी की बड़ी चुनौतियों को दर्शाती है।
