लागत बढ़ने से Q4 में हुआ ₹219 करोड़ का भारी नुकसान
Motilal Oswal Financial Services ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹219.11 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में दर्ज ₹63.19 करोड़ के घाटे से काफी बड़ी बढ़ोतरी है।
कंपनी के पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए कंसोलिडेटेड इनकम में 11.87% की वृद्धि देखी गई, जो ₹9,416.42 करोड़ तक पहुंच गई। खासकर चौथी तिमाही में रेवेन्यू में 122.77% का भारी उछाल आया। इसके बावजूद, पूरे साल का मुनाफा आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) 25.63% घटकर ₹1,865.43 करोड़ रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह ₹2,508.18 करोड़ था। इस गिरावट की मुख्य वजह कंसोलिडेटेड खर्चे (Consolidated Expenses) में 33.91% का बड़ा इजाफा है।
स्टैंडअलोन बिजनेस पर भी असर
सिर्फ कंसोलिडेटेड नतीजे ही नहीं, Motilal Oswal के स्टैंडअलोन बिजनेस ने भी इस अवधि में कमजोर प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 10.75% गिरकर ₹4,889.64 करोड़ पर आ गया, और मुनाफा आफ्टर टैक्स 33.70% घटकर ₹922.51 करोड़ दर्ज किया गया।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब
यह नतीजे बताते हैं कि Motilal Oswal के लिए बढ़ती लागतें एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जो रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ के बावजूद मुनाफे पर दबाव डाल रही हैं। 33.91% की बढ़ोतरी वाले कंसोलिडेटेड खर्चों का सीधा असर Q4 के बढ़े हुए घाटे पर दिख रहा है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी अपनी लागतों को कैसे नियंत्रित करती है और क्या वह बढ़ते खर्चों को मात देने के लिए पर्याप्त रेवेन्यू ग्रोथ हासिल कर पाती है।
