SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) नियमों के तहत फंड जुटाने के मामले में Modern Shares And Stockbrokers Limited को बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने BSE को आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि वह इस श्रेणी में नहीं आती है, क्योंकि उस पर कोई भी 'डेट' (Debt) या ऋण देनदारी बकाया नहीं है।
SEBI के एक सर्कुलर के मुताबिक, 'लार्ज कॉर्पोरेट' माने जाने वाले बड़े निगमों को अपने नए कर्ज का कम से कम 25% डेट सिक्योरिटीज के जरिए जुटाना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, उन्हें कुछ खास क्रेडिट रेटिंग (जैसे AA) और न्यूनतम ₹100 करोड़ या उससे अधिक का लॉन्ग-टर्म कर्ज होना चाहिए।
Modern Shares And Stockbrokers Limited की स्थिति इन मापदंडों को पूरा नहीं करती क्योंकि कंपनी पूरी तरह से 'डेट'-फ्री (debt-free) है। किसी भी प्रकार के 'डेट' (Debt) के अभाव में, SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' फंड-रेजिंग (fund-raising) से जुड़े नियम इस कंपनी पर लागू नहीं होते।
इस घोषणा से कंपनी को रेगुलेटरी स्पष्टता मिली है। इसे SEBI के इस खास फ्रेमवर्क के तहत अनिवार्य डिस्क्लोजर (disclosure) और फंड जुटाने के नियमों से छूट मिल गई है।
SEBI ने यह 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क 26 नवंबर 2018 को जारी किया था, जिसका मकसद भारत के डेट मार्केट को मजबूत करना था। इसी सेक्टर में काम करने वाली Angel One, JM Financial, Anand Rathi, Motilal Oswal, और ICICI Securities जैसी कई बड़ी ब्रोकिंग फर्मों के विपरीत, जिनका मार्केट कैप ₹11,000 करोड़ से लेकर ₹40,000 करोड़ से भी ज्यादा हो सकता है और जिन पर काफी 'डेट' (debt) भी होता है, Modern Shares का मार्केट कैप करीब ₹8 करोड़ है और यह लगभग 'डेट'-फ्री है।
यह स्थिति कंपनी के लिए एक अहम वित्तीय विशेषता है जो इस रेगुलेटरी नतीजे का समर्थन करती है।
