FY26 का टर्नअराउंड:
कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए ₹3.59 करोड़ (या ₹358.65 लाख) की कुल आय दर्ज की। इस आय की मदद से कंपनी ₹22.09 लाख (या ₹0.22 करोड़) का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (NPAT) कमाने में सफल रही। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में हुए घाटे की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है। कंपनी के बोर्ड ने इस वित्तीय वर्ष के लिए कोई डिविडेंड (Dividend) न देने का फैसला किया है।
Q4 में कैसा रहा प्रदर्शन?
साल भर की अच्छी परफॉरमेंस के बावजूद, FY26 की आखिरी तिमाही (Q4) में कंपनी के नतीजों में गिरावट आई। मार्च 2026 में समाप्त हुई तीन महीनों की अवधि के लिए, Modern Shares ने ₹6.20 लाख (या ₹0.06 करोड़) का नेट लॉस दर्ज किया। यह तिमाही का घाटा, FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) में आए ₹5.02 लाख के घाटे के बाद एक और झटका है।
कानूनी पेंच और अनिश्चितता:
कंपनी की भविष्य की संभावनाओं में एक और जोखिम Bata India Limited के खिलाफ लंबित कानूनी मामला है। कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट (High Court of Bombay) में चल रही एक अपील के बारे में खुलासा किया है। इस कानूनी मामले का अंतिम परिणाम अभी भी अनिश्चित है।
ऑडिटर की रिपोर्ट और मार्केट में स्थिति:
राहत की बात यह है कि कंपनी के स्टैण्डअलोन ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर ऑडिटर Jayant & Associates ने अपना अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) दिया है, जिससे अकाउंटिंग को लेकर कोई बड़ी चिंता जाहिर नहीं हुई है। कंपनी को FY2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर (internal auditor) के तौर पर फिर से नियुक्त भी किया गया है। वहीं, स्टॉकब्रोकिंग की दुनिया में Modern Shares एक छोटी कंपनी है। तुलनात्मक रूप से, Angel One Ltd ने FY24 में ₹2,800 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1,200 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था, जबकि 5paisa Capital Ltd ने FY24 में लगभग ₹500 करोड़ का रेवेन्यू और ₹75 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था। Modern Shares की FY26 की कुल आय केवल ₹3.59 करोड़ थी।
निवेशकों को क्या देखना होगा?
भविष्य में निवेशकों की नजर Bata India Limited से जुड़े हाई कोर्ट अपील के अपडेट्स और उसके नतीजों पर रहेगी। इसके अलावा, कंपनी की लगातार तिमाही प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी, खासकर Q4 के घाटे को देखते हुए।
