Milgrey Finance Share: निवेशकों को बड़ा झटका! तिमाही में रेवेन्यू जीरो, कंपनी घाटे में

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Milgrey Finance Share: निवेशकों को बड़ा झटका! तिमाही में रेवेन्यू जीरो, कंपनी घाटे में
Overview

Milgrey Finance & Investments Ltd ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में **शून्य रेवेन्यू** दर्ज किया है और कंपनी भारी **नेट लॉस** में चली गई है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में **100%** की गिरावट को दर्शाता है।

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तिमाही में कमाई जीरो, हुआ बड़ा घाटा

Milgrey Finance & Investments Ltd के लिए 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही बेहद खराब रही। कंपनी ने स्टैंडअलोन टोटल रेवेन्यू शून्य बताया है, जिसके चलते ₹0.076 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹24.13 लाख था, जो इस बार पूरी तरह से गिर गया। इसके विपरीत, पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹22.43 लाख का मुनाफा कमाया था।

9 महीने के आंकड़े भी हुए फीके

हालांकि, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों के लिए कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹163.65 लाख हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹70.40 लाख से बेहतर है। लेकिन, तिमाही के निराशाजनक नतीजे इन 9 महीनों के ग्रोथ को कहीं पीछे छोड़ गए हैं। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में, कंपनी ने ₹94.28 लाख का स्टैंडअलोन टोटल रेवेन्यू और ₹63.42 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।

कंपनी का बिजनेस मॉडल

Milgrey Finance एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है, जो निवेश और वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी हाल के वर्षों में अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को रीस्ट्रक्चर करने पर काम कर रही है।

शून्य रेवेन्यू का मतलब

एक फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट फर्म के लिए तिमाही में शून्य रेवेन्यू दर्ज होना एक गंभीर चिंता का विषय है। यह दर्शाता है कि कंपनी की आय-उत्पन्न करने वाली गतिविधियों में या तो बड़ी रुकावट आई है या वे पूरी तरह से रुक गई हैं। इससे कंपनी के बिजनेस मॉडल की स्थिरता पर सवाल उठता है और भविष्य में आय उत्पन्न करने की उसकी क्षमता पर गहरा असर पड़ता है। निवेशकों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है।

साथियों के मुकाबले कितना गंभीर?

Milgrey Finance के इस शून्य-रेवेन्यू वाले तिमाही नतीजों की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब इसकी तुलना इंडस्ट्री के अन्य बड़े खिलाड़ियों से की जाती है। उदाहरण के लिए, FY24 में Edelweiss Financial Services का रेवेन्यू ₹1,660 करोड़ था, PNB Housing Finance का ₹5,360 करोड़ और Shriram Finance का ₹22,500 करोड़ था।

आगे क्या?

अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी का मैनेजमेंट इस अचानक आई रेवेन्यू में गिरावट का क्या कारण बताता है और आगे के लिए उनकी क्या रणनीति है। कंपनी पर यह साबित करने का दबाव होगा कि यह स्थिति एक बार की घटना थी या किसी बड़े ट्रेंड का हिस्सा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.