Metroglobal Limited ने FY26 के लिए शानदार सालाना नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹9.36 करोड़ से दोगुना से ज़्यादा होकर ₹21.51 करोड़ पर पहुंच गया। यह 130% से अधिक की जोरदार ग्रोथ दर्शाती है। हालांकि, यह तेजी चौथी तिमाही (Q4) में नजर नहीं आई। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹50.07 करोड़ की तुलना में 26.36% घटकर ₹36.87 करोड़ दर्ज किया गया। कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, Q4 FY26 का रेवेन्यू ₹37.46 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹8.45 करोड़ रहा।
इस सालाना मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी का श्रेय कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और खास एसेट रिकवरी (Asset Recovery) को दिया जा रहा है। इसके साथ ही, कंपनी को रेगुलेटरी (Regulatory) मोर्चे पर एक बड़ी राहत मिली है। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने Metroglobal पर लगे 2 साल के मार्केट डीबारमेंट (Market Debarment) की अवधि को घटाकर सिर्फ 3 महीने कर दिया है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ी बाधा को दूर करता है।
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुशी देते हुए ₹2.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है। इसके अलावा, मुंदरा एस्टेट डेवलपर्स लिमिटेड (Mundara Estate Developers Limited) से ₹2.50 करोड़ की रिकवरी भी एक सकारात्मक संकेत है। यह कंपनी पहले कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत थी, और यह रिकवरी बकाया देनदारियों को वसूलने में कंपनी की प्रगति को दर्शाती है।
Metroglobal Ltd, जो पहले MK Global Financial Services के नाम से जानी जाती थी, एक डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप है। SAT द्वारा डीबारमेंट अवधि घटाए जाने से कंपनी के लिए भविष्य में बिना किसी बड़े रेगुलेटरी हस्तक्षेप के अपने बिजनेस ऑपरेशन्स को सुचारू रूप से चलाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, Q4 में रेवेन्यू में आई लगातार गिरावट पर नजर रखने की जरूरत होगी ताकि इसके दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन किया जा सके।
