Meesho का बड़ा दांव: पेमेंट आर्म में **₹100 करोड़** फूंके, पर सब्सिडियरी को हुआ **₹24 करोड़** का घाटा!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Meesho का बड़ा दांव: पेमेंट आर्म में **₹100 करोड़** फूंके, पर सब्सिडियरी को हुआ **₹24 करोड़** का घाटा!
Overview

देश की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने अपनी पेमेंट सब्सिडियरी Meesho Payments Private Limited (MPPL) में **₹100 करोड़** की भारी भरकम रकम निवेश की है। ये निवेश MPPL के बिजनेस को बढ़ाने और लोन देने (Lending) के कामों को रफ्तार देने के लिए किया गया है। हालांकि, इस सब के बावजूद MPPL को FY26 में **₹24.72 करोड़** का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है।

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Meesho Limited ने अपनी पूरी मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Meesho Payments Private Limited (MPPL), में राइट्स इश्यू के ज़रिए ₹99,99,99,681 (लगभग ₹100 करोड़) का निवेश किया है। इस फंड का इस्तेमाल MPPL के ऑपरेशंस को मजबूत करने, बिजनेस ग्रोथ को बढ़ावा देने और खासकर लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (Lending Service Provider - LSP) के तौर पर इसकी भूमिका का विस्तार करने के लिए किया जाएगा।

MPPL का टर्नओवर (Turnover) FY26 में बढ़कर ₹11.05 करोड़ हो गया, जो FY25 के ₹2.36 करोड़ और FY24 के ₹0.20 करोड़ से काफी ज़्यादा है। लेकिन, इस तेज़ ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी को FY26 में ₹24.72 करोड़ का भारी नेट लॉस (Net Loss) भी उठाना पड़ा।

यह पूंजी निवेश Meesho के अपने वित्तीय सेवाओं को मजबूत करने के इरादे को दर्शाता है, खासकर अपने सेलर्स (Sellers) के लिए। MPPL को मज़बूत करके, Meesho का लक्ष्य सेलर्स को वर्किंग कैपिटल (Working Capital) तक बेहतर पहुंच प्रदान करना है, जो प्लेटफॉर्म पर उनके बिजनेस ग्रोथ के लिए बहुत ज़रूरी है। LSP एक्टिविटीज़ का विस्तार एक मज़बूत प्लेटफॉर्म इकोनॉमी को बढ़ावा दे सकता है, जिससे सेलर लॉयल्टी बढ़े और Meesho की कुल बिक्री वॉल्यूम में इज़ाफा हो। यह कदम कंपनी के मुख्य ई-कॉमर्स बिजनेस से परे रेवेन्यू स्ट्रीम्स को भी डाइवर्सिफाई करता है।

MPPL एक लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) के तौर पर काम करती है। इस मॉडल में, MPPL जैसी कंपनियां अक्सर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज़ (NBFCs) के साथ पार्टनरशिप करती हैं, जो लोन की कैपिटल सप्लाई करती हैं। MPPL फिर लोन एप्लीकेशन्स को ओरिजिनेट करने और बरोअर्स के लिए कस्टमर सर्विस संभालने का काम करती है।

MPPL के पास अब लोन ओरिजिनेशन और सर्विसिंग ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए पर्याप्त फंड है। Meesho के सेलर्स को वर्किंग कैपिटल तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। यह कदम Meesho की एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म बनाने की स्ट्रैटेजी को मज़बूत करता है जो सेलर्स को व्यापक रूप से सपोर्ट करे।

MPPL का FY26 में ₹24.72 करोड़ का नेट लॉस एक अहम वित्तीय जोखिम है। यह सब्सिडियरी के प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर सवाल खड़े करता है और क्या इसकी तेज़ टर्नओवर ग्रोथ टिकाऊ है।

Flipkart और Amazon India जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां भी सेलर फाइनेंसिंग (Seller Financing) ऑफर करती हैं। हालांकि वित्तीय विवरण भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सेलर्स के लिए वित्तीय सेवाओं को एकीकृत करना बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस के बीच एक आम रणनीति है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.