शेयरहोल्डर्स को पोस्टलबैलट (postal ballot) के जरिए अपनी राय देने को कहा गया है।
इस प्रपोजल के तहत, कंपनी Wardwizard ग्रुप की अलग-अलग एंटिटीज के साथ कुल ₹150 करोड़ तक की वित्तीय डील्स कर सकती है। इनमें Wardwizard Solutions India Private Limited के साथ ₹50 करोड़ और Wardwizard Innovations & Mobility Limited के साथ ₹35 करोड़ की लिमिट शामिल है।
इसके साथ ही, श्री वेंकट रमाना रेवुुरु को 10 जुलाई, 2026 से अगले 3 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के तौर पर री-अपॉइंट करने का प्रस्ताव भी है। इस पद के लिए उनका प्रस्तावित सालाना वेतन ₹9,00,000 होगा।
शेयरहोल्डर्स 27 मार्च, 2026 से 25 अप्रैल, 2026 तक ई-वोटिंग (e-voting) के जरिए अपने वोट डाल सकते हैं। नतीजों का ऐलान 28 अप्रैल, 2026 तक कर दिया जाएगा।
Mangalam Industrial Finance एक रजिस्टर्ड NBFC है जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की फाइनेंसिंग के अलावा पर्सनल और बिजनेस लोन देती है। कंपनी का प्रमोटर Wardwizard Solutions India Private Limited है।
शेयरहोल्डर्स की यह मंजूरी Mangalam Industrial Finance के लिए Wardwizard ग्रुप के साथ इन महत्वपूर्ण वित्तीय डील्स को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ करेगी। MD की री-अपॉइंटमेंट से कंपनी के मैनेजमेंट में स्थिरता बनी रहेगी।
हालांकि, शेयरहोल्डर्स के सामने कुछ सवाल भी उठ सकते हैं। ₹150 करोड़ की ये रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स, खासकर प्रमोटर ग्रुप के साथ, अपने आप में अहम हैं। ऐसे में SEBI द्वारा 2014-16 के दौरान शेयर प्राइस मैनिपुलेशन के मामले में लगाए गए ₹90 लाख के पुराने जुर्माने का भी जिक्र है।
कंपनी के ऑडिटर ने भी एक ₹11.44 करोड़ के रिलेटेड पार्टी लोन पर पहले पेमेंट डिले (delay) होने की बात कही थी, जिसे बाद में रेगुलराइज किया गया। वहीं, प्रमोटर Wardwizard Solutions के हालिया शेयरहोल्डिंग और प्लेज (pledge) से जुड़े इश्यूज भी निवेशकों के लिए गौर करने लायक हैं।
बाजार में Mangalam Industrial Finance की तुलना Bajaj Finance, Shriram Finance और Muthoot Finance जैसी बड़ी NBFCs से करें तो यह एक छोटी NBFC है, जो EV फाइनेंसिंग जैसे खास सेगमेंट्स पर ध्यान केंद्रित करती है।
अगर शेयरहोल्डर्स इन प्रपोजल्स को अपनी मंजूरी दे देते हैं, तो कंपनी Wardwizard ग्रुप की कंपनियों के साथ निर्धारित लिमिट तक ट्रांजैक्शन्स करने के लिए अधिकृत हो जाएगी और श्री वेंकट रमाना रेवुुरु अगले 3 साल तक MD के पद पर बने रहेंगे।
