FY26 में Manba Finance का कैसा रहा प्रदर्शन?
Manba Finance Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹45.36 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹33.53 करोड़ की तुलना में करीब 35% ज्यादा है। वहीं, कंपनी की कुल स्टैंडअलोन इनकम 31.57% बढ़कर ₹330.19 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹250.97 करोड़ थी।
इस बेहतरीन परफॉरमेंस के चलते, बोर्ड ने प्रति शेयर ₹0.25 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के आंकड़े
अगर चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें, तो कंपनी की स्टैंडअलोन इनकम 37.38% बढ़कर ₹93.42 करोड़ रही। इस तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹11.13 करोड़ रहा।
ग्रोथ के मुख्य कारण
कंपनी की ग्रोथ का मुख्य कारण लोन बुक का विस्तार है। FY25 में जहां लोन बुक ₹1,146.07 करोड़ थी, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹1,560.28 करोड़ हो गई।
प्रमुख जोखिम और चिंताएं
हालांकि, नतीजों के बीच कुछ चिंताएं भी हैं। कंपनी का लीवरेज (Leverage) बढ़ा है, डेट-टू-इक्विटी रेश्यो FY25 में 2.91 से बढ़कर FY26 में 3.78 हो गया है। साथ ही, फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) भी ₹107.84 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹151.93 करोड़ (FY26) हो गई है। इन वजहों से, खासकर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का जोखिम बढ़ जाता है। 31 मार्च 2026 तक, ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स (Non-Performing Assets - NPAs) 3.58% पर थे।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
Manba Finance व्हीकल फाइनेंस और प्रॉपर्टी पर लोन जैसे सेगमेंट में काम करती है, जहां Cholamandalam Investment and Finance और Shriram Finance जैसे बड़े खिलाड़ी भी मौजूद हैं।
आगे क्या देखना होगा?
आगे चलकर, इन्वेस्टर्स कंपनी की मैनेजमेंट से बढ़ती फाइनेंस कॉस्ट और लीवरेज को मैनेज करने की रणनीति पर कमेंट्री का इंतजार करेंगे। लोन बुक ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और फाइनेंशियल रिस्क को मैनेज करते हुए ग्रोथ के अवसरों का फायदा उठाने की कंपनी की रणनीति पर भी नजर रहेगी।