Manba Finance का जोरदार प्रदर्शन जारी
मैनबा फाइनेंस (Manba Finance) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ऑपरेशंस (Operations) से ₹328.19 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹250.93 करोड़ के मुकाबले एक महत्वपूर्ण उछाल है। वहीं, FY26 के लिए आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax) ₹45.36 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹37.80 करोड़ की तुलना में बढ़ोतरी दिखाता है।
शेयरधारकों को रिटर्न (Returns) देते हुए, कंपनी के बोर्ड ने FY2025-26 के लिए ₹0.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही, बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) के आधार पर नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जैसे डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) के माध्यम से ₹200 करोड़ तक फंड जुटाने की भी मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल एनबीएफसी (NBFC) की विस्तार योजनाओं और भविष्य की लेंडिंग एक्टिविटीज (Lending Activities) के लिए पूंजी को मजबूत करने में किया जाएगा।
गुजरात स्थित यह नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुख्य रूप से माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) और रिटेल ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने लगातार ग्रोथ दिखाई है, जिसमें आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax) FY23 के लगभग ₹30 करोड़ से बढ़कर वर्तमान FY26 के आंकड़े तक पहुंचा है। NCDs जैसे डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt Instruments) का उपयोग एनबीएफसी के लिए अपने एसेट बुक (Asset Book) और लेंडिंग कैपेबिलिटीज (Lending Capabilities) का विस्तार करने की एक सामान्य रणनीति है।
प्रतिस्पर्धी एनबीएफसी (NBFC) परिदृश्य में, मैनबा फाइनेंस का प्रदर्शन MAS Financial Services Ltd, Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd, और Sundaram Finance Ltd जैसे अन्य प्रमुख खिलाड़ियों के समान मजबूत ग्रोथ दिखा रहा है। यह एमएसएमई (MSME) और रिटेल लेंडिंग पर केंद्रित अच्छी तरह से प्रबंधित एनबीएफसी (NBFCs) के लिए एक आम तौर पर सकारात्मक माहौल का संकेत देता है।