Q4 FY26 के नतीजों में Manappuram Finance Ltd. ने गजब की वापसी की है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹404.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) कमाया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में आए ₹203.17 करोड़ के घाटे के मुकाबले एक बड़ा टर्नअराउंड (Turnaround) है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू (Total Revenue) भी 10% बढ़कर ₹2,613.83 करोड़ तक पहुंच गया।
सिर्फ मुनाफे में ही नहीं, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी जोरदार उछाल आया है। Q4 FY26 में AUM 48.3% बढ़कर ₹63,798 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹43,034 करोड़ था।
कंपनी ने अपने नतीजों के साथ-साथ मैनेजमेंट की अर्निंग्स कॉल (Earnings Call) की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की है। यह कॉल 4 मई 2026 को हुई थी, जिसमें मैनेजमेंट ने कंपनी के परफॉर्मेंस, भविष्य की योजनाओं और आउटलुक पर अहम जानकारी दी है।
हालिया दिनों में कंपनी को कुछ रेगुलेटरी (Regulatory) झटकों का सामना भी करना पड़ा है। मार्च 2026 में, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कंपनी पर की मैनेजरियल कर्मियों के लिए वेरिएबल पे डेफरल नियमों का पालन न करने पर ₹2.70 लाख का जुर्माना लगाया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में, एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों के तकनीकी उल्लंघन के कारण ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया।
Manappuram Finance गोल्ड लोन सेगमेंट (Gold Loan Segment) में अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी Muthoot Finance Ltd. के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है। Q4 FY26 में, Muthoot Finance ने ₹1,477.68 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। AUM प्रति ब्रांच के मामले में भी Muthoot Finance आगे दिख रहा है, जहां ₹28.10 करोड़ का AUM है, जबकि Manappuram का यह आंकड़ा कम है।
निवेशकों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे अर्निंग्स कॉल की रिकॉर्डिंग में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर खास ध्यान दें। यह समझने की कोशिश करें कि मुनाफे में वापसी के मुख्य कारण क्या रहे। इसके अलावा, गोल्ड लोन ग्रोथ, अन्य बिजनेस वर्टिकल (जैसे माइक्रोफाइनेंस, हाउसिंग फाइनेंस) का प्रदर्शन, और FY27 के लिए कंपनी के AUM ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और इंटरेस्ट रेट मैनेजमेंट को लेकर दिए गए गाइडेंस पर भी नजर रखनी चाहिए।
