ओपन ऑफर में निवेशकों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
Manappuram Finance के शेयरधारकों के लिए ये एक बड़ी खबर है। 9 अप्रैल, 2026 तक BC Asia Investments XXV Limited और उसके सहयोगियों द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए चलाए गए ओपन ऑफर (Open Offer) में एक भी शेयर टेंडर नहीं हुआ। इसका मतलब है कि कंपनी पब्लिक शेयरहोल्डर्स से कोई भी शेयर खरीदने में नाकाम रही।
BC Asia Investments की हिस्सेदारी बढ़ाने की थी मंशा
यह ओपन ऑफर, BC Asia Investments के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसके जरिए वे कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को 26% तक बढ़ाना चाहते थे। कंपनी ने मार्च 2026 में प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) के तहत Manappuram Finance में ₹4,385 करोड़ का निवेश कर एक नए प्रमोटर के तौर पर एंट्री ली थी। इस बड़ी डील के बाद, एक अनिवार्य ओपन ऑफर लाना पड़ा था ताकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स को भी बाहर निकलने का मौका मिले।
ऑफर प्राइस या बाजार की स्थिति बनी वजह?
इस ओपन ऑफर को Kotak Mahindra Capital मैनेज कर रहा था। ऑफर की कीमत ₹236 प्रति शेयर (प्लस लागू ब्याज) तय की गई थी। ऑफर पीरियड 6 अप्रैल से 20 अप्रैल, 2026 तक था। Ventura Securities Limited द्वारा मैनेज किए गए एस्क्रो डिमैट अकाउंट (Escrow Demat Account) के अनुसार, 9 अप्रैल, 2026 तक किसी भी पब्लिक शेयरहोल्डर ने अपने शेयर नहीं बेचे।
इस नतीजे के पीछे कई कारण हो सकते हैं। संभव है कि ऑफर प्राइस पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए आकर्षक न लगा हो, या मौजूदा बाजार की अनिश्चितताओं को देखते हुए उन्होंने अपने शेयर बेचने में दिलचस्पी न दिखाई हो। शेयरधारकों का कंपनी के मौजूदा मैनेजमेंट और भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा भी एक बड़ा कारण हो सकता है।
इंडस्ट्री में Nabhadha Finance का हाल
Manappuram Finance, एक जानी-मानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो Muthoot Finance (खासकर गोल्ड लोन सेगमेंट में), Bajaj Finance और Shriram Finance जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। जहां ये अन्य कंपनियां अपने ऑर्गेनिक ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, वहीं BC Asia Investments की Manappuram Finance में हिस्सेदारी बढ़ाने की यह कोशिश फिलहाल सफल नहीं हो पाई।
ऑफर के मुख्य बिंदु
- ओपन ऑफर का कुल साइज: 24,42,27,387 इक्विटी शेयर।
- लक्ष्यित हिस्सेदारी: कंपनी के 26.00% वोटिंग शेयर कैपिटल को प्राप्त करना।
- 9 अप्रैल, 2026 तक टेंडर हुए शेयर: 0।
फिलहाल, पब्लिक शेयरहोल्डर्स की होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं आया है और BC Asia Investments अपनी मंशा के मुताबिक हिस्सेदारी बढ़ाने में नाकाम रही है।