FY26 के दमदार नतीजे और डिविडेंड का ऐलान
Manappuram Finance Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹9,509.39 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जिस पर ₹993.14 करोड़ का शानदार कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) हासिल किया। नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹0.50 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। डिविडेंड के लिए 11 मई, 2026 को रिकॉर्ड डेट रखा गया है।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में भी तेजी
FY26 के लिए, Manappuram Finance का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹7,653.42 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन PAT ₹1,524.65 करोड़ दर्ज किया गया, जो कंसोलिडेटेड आंकड़ों से काफी अधिक है।
सब्सिडियरी Asirvad Micro Finance को लेकर चिंता
हालांकि, नतीजों के साथ एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय भी सामने आया है। कंपनी की सब्सिडियरी, Asirvad Micro Finance Limited, 31 मार्च, 2026 तक कुछ लोन कोवेनेंट्स (Loan Covenants) को पूरा करने में विफल रही है। इसमें नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) और तिमाही प्रॉफिटेबिलिटी से जुड़े नियम शामिल हैं। कंपनी को अब इस कंप्लायंस मुद्दे को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
लेबर कोड्स का असर और अन्य लागतें
इसके अतिरिक्त, Manappuram Finance ने Q3 FY25-26 के लिए नए लेबर कोड लागू करने से जुड़ी लगभग ₹1.59 करोड़ की अनुमानित अतिरिक्त लागत का भी खुलासा किया है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक अब उम्मीद कर रहे हैं कि कंपनी Asirvad Micro Finance के कंप्लायंस मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल करेगी। साथ ही, नए लेबर कोड्स के कारण होने वाले वित्तीय प्रभाव की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।
कंपनी का प्रोफाइल और प्रतिस्पर्धी
1949 में स्थापित Manappuram Finance एक प्रमुख भारतीय NBFC है, जो गोल्ड लोन के लिए जानी जाती है। इसने माइक्रोफाइनेंस, हाउसिंग फाइनेंस और व्हीकल फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया है। फरवरी 2015 में Asirvad Micro Finance के अधिग्रहण से इसके माइक्रोफाइनेंस व्यवसाय को काफी बल मिला। गोल्ड लोन सेगमेंट में इसका मुख्य मुकाबला Muthoot Finance से है, जबकि IIFL Finance भी एक प्रमुख प्रतिस्पर्धी है।
FY26 के मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹9,509.39 करोड़
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹993.14 करोड़
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹7,653.42 करोड़
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹1,524.65 करोड़
